दीपक उपाध्याय, पीथमपुर। तहसील के चंदनखेड़ी ग्राम में सार्वजनिक मंदिर में पूजा अधिकार को लेकर ग्रामीणों और पुजारी पक्ष के बीच उपजा विवाद प्रशासन की सक्रियता से शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ गया। राम नवमी के अवसर पर,रघुवंशी समाज और अन्य ग्रामीणों ने मंदिर में पूजा करने से रोके जाने का आरोप मंदिर के पुजारी पर लगाया है।
दरअसल, पुजारी पक्ष और गांव वालों का मंदिर की जमीन को लेकर पहले से विवाद है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि यह सार्वजनिक मंदिर है और सभी को पूजा का समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने पुजारी पर आरोप लगाया कि जिस सरकार की ओर से जिस जमीन पर बने मंदिर को उसे जीवन यापन के लिए मिला था, उसे वह बेचने में लगा हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से ग्रामीणों की मंदिर में रामनवमी के पर्व पर पूजा अर्चना संपन्न करवाई। हालांकि कैमरे के सामने पुलिस ने अपना पक्ष रखने से इनकार कर दिया तो वही मंदिर के पुजारी भी कैमरे से बचते नज़र आए।
पीथमपुर एसडीएम, सीएसपी, सागौर थाना प्रभारी और तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराई, जिसके बाद सहमति बनी।
सुरक्षा के मुद्देनजर प्रशासन की मौजूदगी में राम नवमी दोनों पक्षों संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना और आरती के साथ उत्साहपूर्वक मनाया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। हालांकि, मंदिर से जुड़े शासकीय भूमि पर कब्जे और दस्तावेजी हेराफेरी के पुराने आरोपों की जांच अभी भी जारी है, जिस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। फिलहाल, चंदनखेड़ी गांव में स्थिति सामान्य है।

