Surguja News Update: अंबिकापुर। अंबिकापुर के अजिरमा क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक शासकीय मिडिल स्कूल की शिक्षिका को अपनी जालसाजी का शिकार बनाया है। ठग ने खुद को रायपुर साइबर क्राइम का अधिकारी बताकर शिक्षिका को इतना डराया कि उन्होंने गिरफ्तारी और शारीरिक नुकसान के डर से किस्तों में 4 लाख 50 हजार रुपए गंवा दिए।

पीड़ित शिक्षिका इन दिनों पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में व्यस्त थीं। घटना के दिन जब वह ड्यूटी खत्म कर घर पहुंचीं, तो उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। शिक्षिका ने समझा कि शायद मूल्यांकन कार्य से संबंधित कोई सूचना होगी, लेकिन फोन उठाते ही सामने वाले ने खुद को रायपुर साइबर सेल का अधिकारी बताया। ठग ने आरोप लगाया कि शिक्षिका ऑनलाइन अश्लील सामग्री देखती हैं, जो कि एक गंभीर अपराध है और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। उसने शिक्षिका को तुरंत गिरफ्तार करने की धमकी दी।

आरोपी ने शिक्षिका को धमकी दी कि यदि उन्होंने इस बारे में किसी को जानकारी दी, तो उन्हें गिरफ्तार कर उनके हाथ-पैर की उंगलियां काट दी जाएंगी। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी ने 19 मार्च से 25 मार्च के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कई बार में कुल 4.50 लाख रुपए जमा करा लिए। ठग ने विश्वास जीतने के लिए यह झांसा भी दिया कि यह राशि केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और तीन दिनों के भीतर शासन द्वारा इसे वापस कर दिया जाएगा। जब कई दिन बीत जाने के बाद भी पैसे वापस नहीं आए, तब शिक्षिका को ठगे जाने का अहसास हुआ। उन्होंने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

दोस्त के साथ का मेला देखने गए युवक का मिला शव

जशपुर। कछुवाकानी-सिंगीबहार मार्ग पर सिंगीबहार कोड़ाटोली के पास निर्माणाधीन पुल के नीचे युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना के बाद जहां शुरुआती तौर पर इसे सड़क दुर्घटना बताया जा रहा था, वहीं अब शव को बोरी और जीआई चादर से ढंकी तस्वीर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और ज्यादा उलझ गया है।

वायरल तस्वीरों ने पूरे घटनाक्रम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल गर्म है, वहीं परिजन इसे साधारण हादसा मानने को तैयार नहीं हैं। परिजनों ने साफ तौर पर हत्या की आशंका जताते हुए न्याय की मांग की है। जानकारी के अनुसार, मृतक अपने साथी के साथ रामनवमी मेला देखकर रात में कछुवाकानी से लौट रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन पुल के पास बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटनास्थल से बाइक के अवशेष भी बरामद हुए हैं, जिससे हादसे की संभावना तो बनती है, लेकिन शव की स्थिति और वायरल तस्वीरों ने शक को गहरा कर दिया है। मामले में नया मोड़ तब आया जब परिजन जशपुर के एसपी कार्यालय पहुंचे और जशपुर डीएसपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

30 घंटे बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए हुआ तैयार

परिजनों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि यदि यह हत्या का मामला है तो आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। हालांकि, जशपुर पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा समझाइश और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद करीब 30 घंटे बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।

हर एंगल जांच कर रही है पुलिस

मृतक का अंतिम संस्कार उसके गृह निवास सांको में किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि मामले में कई ऐसे पहलू सामने आ रहे हैं, जो साधारण दुर्घटना से मेल नहीं खाते और इन सभी बिंदुओं की गहराई से जांच जरूरी है।

उधार की रकम वापस वसूलने को लेकर बढ़ा विवाद खूनी संघर्ष में बदला

सूरजपुर। रविंद्रनगर गांव में कुछ रुपये के उधार के लेन-देन को लेकर बढ़ा विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। लाठी-डंडे से हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने काउंटर अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

जयनगर पुलिस ने बताया कि ग्राम रविंद्रनगर निवासी प्रार्थी संजय मंडल, जो शादी-पार्टी में कैटरिंग का काम करते हैं, उसने 25 मार्च को अपने पड़ोसी खोखन चौकीदार को 1100 रुपए उधार दिए थे। 27 मार्च की रात जब संजय अपने पैसे मांगने पहुंचे, तो खोखन और उसके भाई ने पैसे देने से इनकार किया एवं गाली-गलौज कर वहां से उसे भगा दिया। 28 मार्च की सुबह करीब 9:30 बजे गांव की किराना दुकान पर दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। यहां विवाद ने दोबारा तूल पकड़ा और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कुछ देर पश्चात पुनः करीब दोपहर 12 बजे खोखन चौकीदार अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडा और लोहे की रॉड लेकर स्कूल के पास पहुंचा और संजय मंडल व परिजनों पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए हैं। संजय मंडल को सिर, छाती और पीठ में चोटें आईं। बीच-बचाव कर रहे मृत्युंजय मंडल के सिर पर गंभीर चोट लगी, वहीं रिभा मंडल, सौरभ और शिवम मंडल को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं। दूसरे पक्ष की तरफ से भी खोखन चौकीदार, बसंती चौकीदार, मंजीत चौकीदार सहित अन्य लोगों को चोट लगने की बात कही गई है। पुलिस ने दोनों पक्ष की रिपोर्ट पर काउंटर अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जंगल क्षेत्र में अवैध बोरवेल खनन पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई, दो वाहन जब्त

जशपुर। वन क्षेत्र में अवैध बोरवेल खनन की प्राप्त सूचना पर वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। अवैध बोर खनन में लगे 2 वाहनों को जब्त किया गया। ग्रामीणों द्वारा दूरभाष के माध्यम से सूचना देने पर वनमंडलाधिकारी जशपुर शशि कुमार के निर्देशन में वन परिक्षेत्र सन्ना अंतर्गत परिक्षेत्र सहायक तोरा, परिक्षेत्र सहायक सन्ना, बी.एफ.ओ. कामारिमा, चलनी, धनगुरी एवं बगीचा परिक्षेत्र के वन अमले द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई। वन अमले द्वारा कक्ष क्रमांक पी 303 में पंचों एवं गवाहों की उपस्थिति में स्थल निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि बोरवेल खनन का कार्य वन भूमि के अंदर अवैध रूप से किया जा रहा था, जिससे वन क्षेत्र एवं जैव विविधता को गंभीर क्षति पहुंचने की संभावना थी। मौके पर कार्य को तत्काल रुकवाया गया तथा संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में वाहन चालक सल्लू राम ग्राम मनोहरपुर एवं श्री गोधन कोमा ग्राम नर्राटोला जिला बालोद द्वारा बताया गया कि यह कार्य राजेश यादव ग्राम दातुनपानी के निर्देश पर किया जा रहा था। साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित वाहनों के मालिक रमेश जायसवाल निवासी बिलाईगढ़ जिला बलौदाबाजार हैं। वन विभाग द्वारा उक्त अवैध गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए ट्रक क्रमांक CG22 AF 7660 एवं CG22 AF 7659 को जब्त किया गया। इस संबंध में वन अपराध के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जब्त वाहनों को वन आवासीय परिसर सन्ना में सुरक्षित रखा गया है।

वन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन, बोरवेल खनन या अन्य गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित हैं तथा इस प्रकार के कृत्यों में संलिप्त पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग जशपुर द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को प्रदान करें।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड की सुरक्षा में लापरवाही, प्रहरी बर्खास्त

अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले जेल प्रहरी पर गाज गिरी है। सेंट्रल जेल के अधीक्षक अक्षय प्रताप सिंह राजपूत ने अनुशासनहीनता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने के आरोप में जेल प्रहरी जयप्रकाश कुजूर को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है।

मामला शनिवार को तब सुर्खियों में आया जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में जेल वार्ड में भर्ती एक बंदी के परिजन को प्रतिबंधित सामग्री (पानी की बोतल) के साथ अंदर जाते देखा गया। इसके तुरंत बाद जेल अधीक्षक ने वार्ड का निरीक्षण किया, जहां सुरक्षा की खामियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान वार्ड के मुख्य गेट का एक ताला खुला मिला, जबकि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत वहां हमेशा दो ताले लगे होने चाहिए। बता दें कि अस्पताल के जेल वार्ड से पिछले एक साल में तीन कैदी सुरक्षा को चकमा देकर फरार हो चुके हैं। इन घटनाओं के बाद जेल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया था। नए नियम के अनुसार, वार्ड के गेट पर दो ताले लगाए जाते हैं—अंदर के ताले की चाबी जेल प्रहरी और बाहर के ताले की चाबी मेडिकल स्टाफ के पास रहती है। जांच में पाया गया कि बर्खास्त प्रहरी जयप्रकाश के पास मेडिकल स्टाफ वाली चाबी भी मौजूद थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। वार्ड में 62 वर्षीय सजायाफ्ता बंदी हरबख्श सिंह छाबड़ा खराब स्वास्थ्य के कारण 23 मार्च से भर्ती है। डॉक्टर की सलाह पर उसके परिवार के एक सदस्य को रोटेशन के आधार पर अटेंडेंट के रूप में रहने की अनुमति दी गई थी। लेकिन प्रहरी ने इस अनुमति की आड़ में सुरक्षा प्रोटोकॉल को दरकिनार कर दिया और गेट खुला छोड़ दिया।

सर्वर फेल: राशन के लिए कतार में करना पड़ रहा इंतजार

जशपुर। शहर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण इन दिनों गंभीर तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा है। लगातार पांच दिनों तक सिस्टम बंद रहने के बाद अब सर्वर डाउन की समस्या ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। राशन लेने पहुंचे लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। भागलपुर स्थित पीडीएस दुकान में पिछले दो दिनों से सर्वर पूरी तरह ठप है। सुबह से ही बड़ी संख्या में हितग्राही झोला और बोरा लेकर दुकान के बाहर लाइन में लग जाते हैं, लेकिन तकनीकी समस्या के चलते वितरण सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा। तेज धूप और लंबे इंतजार के कारण लोग थककर दुकान परिसर की सीढ़ियों पर बैठने को मजबूर हैं। स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि राशन लेने वालों में बुजुर्गों की संख्या अधिक है। कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि घंटों इंतजार के बाद भी राशन नहीं मिल पा रहा। रविवार के बाद केवल मंगलवार का दिन ही वितरण के लिए बचा है, जबकि सोमवार को दुकान बंद रहती है। ऐसे में यदि सर्वर की समस्या जल्द दूर नहीं हुई, तो करीब 200 हितग्राही राशन से वंचित रह सकते हैं। दुकान संचालक के अनुसार इस केंद्र में 1300 हितग्राही पंजीकृत हैं, जिनमें से 1100 को ही अब तक राशन मिल पाया है। इधर, खाद्य विभाग के जिला खाद्य अधिकारी आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि 21 से 25 मार्च तक सर्वर मेंटेनेंस के कारण बंद रहा।