Rajasthan Cricket Association: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में चल रहा सियासी ड्रामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दो सालों से नई कार्यकारिणी के चुनाव लटके हुए हैं और अब राजस्थान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पुरानी एडहॉक कमेटी को बर्खास्त कर दिया है। गौरतलब है कि अब एक नई 5 सदस्यीय एडहॉक समिति गठित की गई है, जिसमें सत्ता के करीबी चेहरों का दबदबा साफ़ दिख रहा है।

9वीं बार टले चुनाव, बढ़ा कार्यकाल
दरअसल, रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा की ओर से 28 मार्च 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। सूत्रों ने बताया कि यह 9वीं बार है जब कमेटी का कार्यकाल बढ़ाया गया है। बता दें कि मार्च 2024 में पहली बार 3 महीने के भीतर चुनाव कराने के लिए कमेटी बनी थी। तब से लेकर अब तक लगातार 9 बार समय विस्तार किया गया है, लेकिन चुनाव नहीं हो सके। नए आदेश में साफ तौर पर चुनाव कराने की हिदायत दी गई है, लेकिन जमीन पर तैयारी शून्य है।
इस नई एडहॉक कमेटी में सियासत का तड़का भरपूर है। सूत्रों के अनुसार, 3 पुराने चेहरों को बरकरार रखा गया है, जबकि 2 नए नाम जोड़े गए हैं
- धनंजय सिंह खींवसर: स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे (पुराना चेहरा)।
- आशिष तिवाड़ी: बीजेपी सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे (पुराना चेहरा)।
- अरिष्ट सिंघवी: पूर्व मंत्री चंद्रराज सिंघवी के पोते (नया चेहरा)।
- अर्जुन बेनीवाल: विधायक संजीव बेनीवाल के बेटे (नया चेहरा)।
- रतन सिंह: कमेटी के एक अन्य सदस्य।
क्रिकेट पर सियासत भारी?
गौरतलब है कि आरसीए में पिछले दो सालों से फाइलों का खेल चल रहा है। जानकारों का कहना है कि बार-बार कमेटियां बदलना और उनका कार्यकाल बढ़ाना केवल समय काटने की रणनीति है। इस सियासी खींचतान का सबसे बुरा असर राजस्थान के उभरते क्रिकेटरों पर पड़ रहा है। जब तक स्थाई कार्यकारिणी नहीं चुनी जाती, तब तक क्रिकेट के विकास से जुड़े बड़े फैसले और बजट अटके रहेंगे।
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