जालंधर। जालंधर के नकोदर उपमंडल के गांव शंकर में एक संपन्न परिवार से करोड़ों रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि परिवार का ही एक करीबी रिश्तेदार है। पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को नामजद कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 21 मार्च 2026 को गांव शंकर निवासी बलजिंदर कौर पत्नी पवित्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को उनके पति को एक अज्ञात विदेशी नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को गोल्डी गैंग ग्रुप का सदस्य बताते हुए धमकी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर 2 करोड़ रुपये नहीं दिए गए, तो उनके बेटे और बेटी को जान से मार दिया जाएगा। इसी दौरान विदेश में रह रहे उनके बेटे रणजीत सिंह को भी व्हाट्सएप पर 1.5 करोड़ की मांग और घर पर गोलियां चलाने की धमकियां मिलीं।

पुलिस जांच के दौरान यह बात सामने आई कि रणजीत सिंह के ससुराल पक्ष का एक रिश्तेदार तीर्थ सिंह इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है। तीर्थ सिंह जनवरी महीने में अपने परिवार के साथ भारत आया था। उसने नवांशहर के एक टैक्सी ड्राइवर जशनदीप सिंह उर्फ जशन के साथ मिलकर यह योजना बनाई। तीर्थ सिंह अच्छी तरह जानता था कि रणजीत सिंह का परिवार काफी अमीर है और उनके पास बड़ी कोठी और महंगी गाड़ियां हैं।

आरोपियों के बीच तय हुआ था कि वसूली गई कुल रकम में से 25 लाख रुपये जशनदीप रखेगा और बाकी 1 करोड़ 25 लाख रुपये तीर्थ सिंह खुद लेगा।

पुलिस की मुस्तैदी ने फेरा पानी

पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने तकनीकी जांच और तत्परता दिखाते हुए इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ किया। आरोपियों ने परिवार को डराने के लिए कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम का सहारा लिया था ताकि परिवार खौफ में आकर पैसे दे दे। पुलिस अब नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।