खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन से बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्राइवेट हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने ऐसा इलाज किया कि मरीज की जान पर बन आई। दरअसल, इलाज के बाद गर्भवती महिला की सर्जरी के बाद अस्पताल वालों ने उसके पेट के अंदर सर्जिकल नैपकिन छोड़ दिया। हद तो तब हो गई जब उन्होंने महिला को दर्द होने पर इसे ऑपरेशन के बाद होने वाली एक सामान्य घटना बता दी।
दरअसल, भीकनगांव इलाके के सेल्दा निवासी मनीषा घोरमाड़े गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर 16 मार्च को उसे भीकनगांव अस्पताल लाया गया जहां गंभीर हालत होने पर उसे खरगोन के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां ऑपरेशन से महिला ने बच्चे को जन्म दिया। लेकिन इस दौरान डॉक्टरों ने बेहद लापरवाही बरतते हुए रक्त को रोकने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सर्जिकल नैपकिन उसके पेट के अंदर छोड़ दी और टांका लगा दिया।
प्रसव के बाद महिला को दर्द हुआ लेकिन डॉक्टरों ने इसे सामान्य बताया। दोबारा दर्द उठने पर फिर उन्होंने कहा कि ऑपरेशन हुआ है तो दर्द तो होगा। लेकिन जब महिला से पीड़ा बर्दाश्त नहीं हुआ तो हालत बिगड़ने पर विनोद अपनी पत्नी को इंदौर के एम वाय हॉस्पिटल ले गया। जब वहां भी कोई इलाज नहीं मिला तो उसने पत्नी को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां जांच के दौरान महिला के पेट में कोई वस्तु होना पाया गया।
21 मार्च को दोबारा सर्जरी हुई तो पेट के अंदर से सर्जिकल नैपकिन निकला। परिजनों ने कहा इलाज में हमारे दो लाख खर्च हो गए और मनीषा अब भी आईसीयू में है।
कलेक्टर ने किया जांच टीम का गठन
मामले ने तूल पकड़ा और कलेक्टर भव्या मित्तल तक पूरी बात पहुंच गई। जिसके बाद उन्होंने तीन लोगों की जांच दल का गठन कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दोषी डॉक्टर और टीम पर कार्रवाई की बात भी कही है।
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