Rajasthan News: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। खनन कारोबारियों से अवैध वसूली करने वाली गैंग के साथ नाम उछलने के बाद सरकार ने प्रोबेशनर IPS और सीओ सदर माधव उपाध्याय को सोमवार दोपहर एपीओ (APO) कर दिया है। संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में हालांकि प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया है, लेकिन गलियारों में चर्चा है कि यह कार्रवाई वसूली कांड का ही नतीजा है।

विधायक के प्रतिनिधि की गिरफ्तारी से खुला राज

दरअसल, भीलवाड़ा पुलिस ने रविवार को गार्नेट खनन कारोबारियों से वसूली करने वाली एक गैंग के चार सदस्यों को दबोचा था। इस गैंग का मास्टरमाइंड जहाजपुर विधायक गोपी मीणा का प्रतिनिधि अजय पांचाल बताया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि अजय की गिरफ्तारी के बाद जब उसका मोबाइल खंगाला गया, तो पुलिस के भी होश उड़ गए।

मोबाइल चैट और हिसाब के इनपुट

ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी अजय पांचाल के मोबाइल से IPS माधव उपाध्याय के साथ हुई कुछ संदिग्ध वॉट्सएप चैट और पैसों के हिसाब-किताब की बातें सामने आई हैं।बताया जा रहा है कि अजय इनपुट देता था और IPS माधव उन सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते थे। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस जांच बिठा दी है। अजमेर जीआरपी एसपी नरेंद्र सिंह को पूरी फाइल सौंप दी गई है।

IPS की सफाई- मेरा कोई रोल नहीं

इधर, मामले में घिरे IPS माधव उपाध्याय ने अपनी सफाई में कहा है कि अजय पांचाल से उनकी मुलाकात एसपी ऑफिस में एक केस के सिलसिले में हुई थी। उन्होंने दावा किया कि अजय ने केवल महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं और चैट से जुड़ी बातें गलत हैं।

विधायक के साथ आया था आरोपी

भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह ने मामले पर स्पष्ट किया कि अजय पांचाल कुछ समय पहले जहाजपुर विधायक गोपी मीणा के साथ जन समस्याओं को लेकर ऑफिस आया था। उस वक्त प्रोबेशनर IPS माधव भी वहीं मौजूद थे। फिलहाल, इस मामले में कुछ और पुलिसकर्मियों के वीडियो और भूमिका भी शक के दायरे में है, जिनकी जांच की जा रही है।

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