पटना। बिहार में प्री-मानसून के सबसे खतरनाक मौसमी सिस्टम काल वैशाखी ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट प्रभावी है। बुधवार रात से शुरू हुआ यह सिलसिला गुरुवार तक जारी रहने की संभावना है, जिसमें 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस उथल-पुथल की मुख्य वजह उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं का मिलन है। इसके साथ ही एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जिससे वायुमंडल में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है। इसी तालमेल के कारण अचानक तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनी है, जिससे तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
राज्य में मौसम के दो रंग
पिछले 24 घंटों में बिहार में विरोधाभासी मौसम देखा गया। जहां कैमूर (भभुआ) 38.1 डिग्री तापमान के साथ सबसे गर्म इलाका रहा, वहीं राजधानी पटना में दोपहर बाद हुई बारिश ने फिजा बदल दी और पारा लुढ़ककर 29 डिग्री पर आ गया। राज्य के 11 जिलों, जिनमें बांका, गोपालगंज और बेगूसराय शामिल हैं, में अच्छी बारिश हुई। सबसे अधिक वर्षा औरंगाबाद के कुटुंबा (2.6 मिमी) में रिकॉर्ड की गई। छपरा भी 34.3 डिग्री के साथ गर्मी की चपेट में रहा, लेकिन आंधी ने वहां भी राहत दी है।
पटना का हाल और राहत की उम्मीद
राजधानी पटना में फिलहाल आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि यहां भारी बारिश के आसार कम हैं, लेकिन बूंदाबांदी से उमस बढ़ सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम 10 अप्रैल तक सक्रिय रहेगा। 11 अप्रैल से आसमान साफ होने लगेगा और सूरज के तेवर फिर तल्ख होंगे। अप्रैल के मध्य तक अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी की वापसी होगी। प्रशासन ने इस दौरान बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी है।
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