अरविंद मिश्रा, बलौदाबाजार। जिला एवं सत्र न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश माननीय राकेश कुमार वर्मा ने मां एवं उसके बेटी के हत्यारे दिलहरण कश्यप को हत्या करने के आरोप में दोहरा आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। इस मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार कन्नौजे ने पैरवी की।
अधिवक्ता संतोष कन्नौजे ने बताया कि मृतिका संतोषी साहू बेवा दिलीप साहू ग्राम भदरा थाना कसडोल का ग्राम भदरा निवासी आरोपी दिलहरन कश्यप से अवैध प्रेम संबंध था। आरोपी का मृतिका संतोषी के घर आना जाना था। घटना दिनांक 28 जुलाई 2024 को मृतिका संतोषी का पुत्र ओंकार दशगात्र कार्यक्रम में दूसरे गांव गया था। दूसरे दिन 29 जुलाई 2024 को संतोषी साहू व पुत्री ममता साहू की लाश उनके घर में अधजली हालत में पाया गया।

थाना कसडोल के थाना प्रभारी रितेश मिश्रा ने घटना स्थल पर पहुंचकर मर्ग जांच किया। जांच में पाया कि आरोपी दिलहरन कश्यप ग्राम भदरा का मृतिका संतोषी साहू के साथ अवैध प्रेम संबंध था। मर्ग जांच व मर्ग बयान के आधार पर आरोपी दिलहरण का मेमोरेंडम कथन लिया। आरोपी दिलहरण कश्यप एवं संतोषी साहू के मोबाइल नंबर का सी डीआर लिया गया। सी डीआर से पता चला कि आरोपी एवं मृतिका संतोषी साहू के बीच बातचीत थी। संपूर्ण विवेचना पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण का विचारण प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार वर्मा द्वारा किया गया।
अभियोजन द्वारा 25 गवाह का बयान कराया गया। मेमोरेंडम के साक्षी सुनील द्वारा संपूर्ण कार्यवाहियों का समर्थन किया गया तथा 25 गवाह में 11 गवाह द्वारा आरोपी एवं मृतिका संतोषी साहू के साथ प्रेम संबंध होने का समर्थन किया गया। विचारण में मृतिका संतोषी साहू एवं आरोपी दिलहरण कश्यप के मध्य अवैध संबंध प्रमाणित हुआ। घटना के कुछ पूर्व अभियुक्त और मृतका संतोषी साहू के मध्य मोबाइल पर लंबी बातचीत होना प्रमाणित हुआ। अभियुक्त के बयान के मेमोरेंडम के आधार पर मानव रक्त युक्त कुल्हाड़ी एवं घटना के समय अभियुक्त के पहने हुए कपड़ों की जब्ती हुई। संपूर्ण विचारण पश्चात न्यायालय ने आरोपी दिल हरण कश्यप को धारा 332 (क) व धारा 103 ( दो बार ) बीएनएस का दोषी पाया और उसे संतोषी साहू एवं ममता साहू की हत्या के लिए दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई

