सुपौल। जिले के छातापुर प्रखंड मुख्यालय में बुधवार शाम उस वक्त रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई, जब एक खड़ी बस में आग लगने के बाद प्रशासनिक देरी से नाराज भीड़ ने कानून हाथ में ले लिया। आक्रोशित लोगों ने न केवल दमकल कर्मियों को मौके से खदेड़ दिया, बल्कि थाने पर हमला बोलकर सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। स्थिति को बिगड़ता देख डीएम और एसपी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा।

​शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, खाक हुई बस

​घटना बस पड़ाव की है, जहां पटना जाने के लिए तैयार खड़ी बस में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गनीमत यह रही कि उस समय बस खाली थी, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान टल गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी, लेकिन मदद पहुंचने में हुई देरी ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया।

​प्रशासनिक सुस्ती और जनता का स्वंयसेवक अवतार

​दमकल के समय पर न पहुंचने के कारण स्थानीय युवाओं और दुकानदारों ने खुद मोर्चा संभाला। लोगों ने बाल्टियों से पानी और बालू फेंककर करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब काफी देर बाद भीमपुर थाने से दमकल की गाड़ी पहुंची, तो जनता का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने वाहन को घेरकर दमकल कर्मियों को वहां से भागने पर मजबूर कर दिया।

​थाने में तांडव: पुलिस की गाड़ी और CCTV क्षतिग्रस्त

​दमकल को खदेड़ने के बाद उग्र भीड़ सीधे थाने पहुंच गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और थाना परिसर में खड़ी सरकारी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। इस दौरान उपद्रवियों ने यातायात बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सरकारी उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस बल भीड़ के आक्रोश के आगे कुछ समय के लिए पूरी तरह बेबस नजर आया।

​DM-SP की मौजूदगी में शांत हुआ मामला

​मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब 150 पुलिसकर्मियों की तैनाती और अधिकारियों की सूझबूझ से करीब 45 मिनट बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। डीएम सावन कुमार ने स्पष्ट किया कि स्थिति अब शांतिपूर्ण है और पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

​कड़ी कार्रवाई की तैयारी

​छातापुर पुलिस के अनुसार, आग लगने के कारणों की तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही, थाने में तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए की जा रही है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में एहतियातन पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।