​पटना। शहर के गर्दनीबाग इलाके में एक सेवानिवृत्त अधिकारी के परिवार के साथ करोड़ों की जमीन की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जालसाजों ने न केवल एग्रीमेंट के पन्ने बदले, बल्कि फर्जी हस्ताक्षर के जरिए 51 लाख रुपये के नगद भुगतान की झूठी कहानी भी गढ़ दी। इस संबंध में पीड़िता प्रतिमा सिन्हा ने गर्दनीबाग थाने में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

​साजिश की शुरुआत

​पीड़िता के अनुसार, उन्होंने फुलवारी शरीफ स्थित अपनी 3553 वर्गफीट जमीन को बेचने के लिए विनोद कुमार नामक व्यक्ति से संपर्क किया था। सौदा 1.21 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा की दर से तय हुआ और 51 हजार रुपये बयाना के तौर पर दिए गए। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने मूल एग्रीमेंट के पन्ने बदल दिए। नई शर्तों में जमीन की कीमत घटाकर 95 लाख कर दी गई और भुगतान की समयसीमा एक सप्ताह से बढ़ाकर एक साल कर दी गई।

​फर्जी नकद भुगतान और जाली हस्ताक्षर

​जालसाजी की हद तब पार हो गई जब आरोपियों ने एग्रीमेंट के पीछे जाली एंट्री करते हुए यह दर्शाया कि उन्होंने दो किस्तों में कुल 51 लाख रुपये नकद प्रतिमा सिन्हा को दिए हैं। पीड़िता का दावा है कि उन्होंने एक रुपया भी नकद नहीं लिया और उन पन्नों पर उनके हस्ताक्षर भी पूरी तरह जाली हैं। इस फर्जीवाड़े को पुख्ता करने के लिए गिरोह ने फर्जी गवाहों का भी सहारा लिया।

​घर में घुसकर धमकी और दहशत का माहौल

​जब संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं हुई और पीड़िता ने कानूनी कार्रवाई शुरू की, तो आरोपियों ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। 12 नवंबर 2025 को आरोपियों ने उनके घर पहुंचकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। बुजुर्ग दंपति के बच्चे बाहर रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर यह संगठित गिरोह उन पर मानसिक दबाव बना रहा है।

​पुलिस की कार्रवाई

​गर्दनीबाग थाना अध्यक्ष के अनुसार, मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस इस संगठित जमीन माफिया गिरोह के अन्य कारनामों की भी पड़ताल कर रही है।