कुंदन कुमार, पटना। पूर्व सीएम नीतीश कुमार की तरह अब राज्य के नए सीएम सम्राट चौधरी भी जनता दरबार लगाएंगे। जनता दरबार कार्यक्रम की आज शुक्रवार (17 अप्रैल) से शुरुआत हुई है। बिहार के अलग-अलग जिलों से अपनी समस्याओं को लेकर फरियादी जनता दरबार पहुंच रहे हैं।

पूर्व सीएम के परंपरा को बढ़ा रही सरकार

हालांकि, मुख्यमंत्री जनता दरबार की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन मुख्यमंत्री का जनता दरबार आज से खुल गया है, जिसे लेकर कहा जा रहा है कि पूर्व CM नीतीश कुमार की परंपरा को सम्राट चौधरी की नई सरकार आगे बढ़ाने का काम कर रही है। जनता दरबार में कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं, तो कई लोग सम्राट चौधरी को केवल बधाई देने के लिए ही पहुंच रहे हैं।

2006 में हुई थी जनता दरबार की शुरुआत

बता दें कि साल 2006 में नीतीश कुमार ने जनता दरबार कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य बिहार के अलग-अलग जिलों से अपनी समस्याओं को लेकर जनता दरबार में आए फरियादियों की समस्याओं को सुनना और ऑन द स्पॉट मौके पर उनका समाधान करना था। जनता दरबार में आने के लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है।

भारत की जनगणना 2027 का शुभारंभ

जनता दरबार की शुरुआत करने के साथ ही सीएम सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय से भारत की जनगणना 2027 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘जनगणना-2027’ बिहार एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगी।

ये भी पढ़ें- बिहार के नए CM सम्राट चौधरी से मिले अनंत सिंह, मोकामा में इस बड़े काम के लिए मुख्यमंत्री को मनाया