संदीप शर्मा, विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्यारसपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ग्राम मोहनपुर में सपेरा समाज की दो नाबालिग बालिकाओं की शादी कराई जा रही थी।
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सूचना मिलते ही सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल विवाह रुकवाया। टीम में जिला प्रभारी दीपा शर्मा, लाडो अभियान प्रभारी मुकेश ताम्रकार, मोनू सेन, सुपरवाइजर प्रतिज्ञा चौरसिया और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे।
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अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी कि 18 वर्ष से पहले बालिकाओं की शादी कराना कानूनन अपराध है और ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि परिजनों ने परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि उनके समाज में कम उम्र में ही विवाह कर दिया जाता है, लेकिन टीम की सख्ती के बाद फिलहाल बाल विवाह को टाल दिया गया है।

