लखनऊ. लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण संशोधन बिल 2026 (Women’s Reservation Amendment Bill 2026) पास नहीं हो सका. इसे लेकर सीम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत के महान लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया. विपक्ष की ओर से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (Nari Shakti Vandan Act) के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को पारित न होने देना ‘भारत माता’ के सम्मान पर आघात है. देश की समूची मातृशक्ति के साथ धोखा है. उनके लोकतांत्रिक अधिकार का हरण है. कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी गठबंधन ने अपनी नारी विरोधी मानसिकता को दर्शाया है.
देश की नारी शक्ति सब देख और समझ रही है. वह इस छल और अन्याय को याद रखेगी और समय आने पर इसका उत्तर भी देगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान, गरिमा और अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तीकरण के लिए NDA गठबंधन के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे.
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बता दें कि शुक्रवार को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल यानि महिला आरक्षण संशोधन बिल 2026 (Women’s Reservation Amendment Bill 2026) गिर गया. पिछले 12 साल में मोदी सरकार को ये सबसे बड़ा झटका मिला है. बिल की वोटिंग में सदन के कुल 528 सदस्यों ने भाग लिया था. जहां बिल के पक्ष में मात्र 298 वोट जबकि विपक्ष में 230 वोट पड़े हैं. बता दें कि, कुल संख्या का दो तिहाई आंकड़ा न पार कर पाने के कारण बिल पास नहीं हो पाया. इसके बाद सरकार ने बाकी 2 और विधेयकों को भी वापस ले लिया. विधेयकों पर बीते दिन करीब 13 घंटे और शुक्रवार सुबह से चर्चा हो रही थी. इस बिल को केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में पेश किया था.
28 वोटों से गिरा विधेयक
131वां संविधान संशोधन विधेयक पर कुल 489 सांसदों ने मतदान किया. विधेयक के पक्ष में 298 सदस्यों, जबकि 230 सदस्यों ने इसके पक्ष में वोट दिया. चूंकि ये संविधान संशोधन विधेयक था, इसलिए सदन में उपस्थित और कुल मतदान करने वाले सदस्यों के दो तिहाई वोट जरूरी थे. यानी विधेयक को पारित होने के लिए 326 वोट चाहिए थे, जो नहीं मिले. इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाकी दोनों विधेयकों को वापस ले लिया. तीनों विधेयकों के लिए सरकार ने 3 दिन का विशेष सत्र बुलाया था. पहले विधेयकों को लोकसभा में पेश किया गया, जिस पर 21 घंटे चर्चा हुई. 56 महिला सांसदों समेत 130 सदस्यों ने विरोध और पक्ष में अपने तर्क रखे. इस दौरान खूब हंगामा देखने को भी मिला.
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