अजयारविंद नामदेव, शहडोल। आदिवासी बाहुल्य शहडोल संभाग में विकास की रफ्तार के साथ-साथ हाई-प्रोफाइल नशे के सौदागरों ने भी अपनी पैठ बना ली है। प्रयागराज से यात्री बस के सहारे  स्मैक की खेप लेकर आ रही एक महिला समेत चार तस्करों जिले की जयसिंहनगर पुलिस ने  गिरफ्तारी कर  इस खतरनाक नेटवर्क की हकीकत उजागर कर दी है,  लेकिन यह मामला साफ संकेत देता है कि जिले में स्मैक जैसे खतरनाक नशे की जड़ें गहराती जा रही हैं। अब जरूरत है लगातार सख्ती और सतर्कता की, ताकि युवा पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके। 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 17  को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रीवा से शहडोल आ रही दीपक बस क्रमांक MP17P5255 में एक महिला और पुरुष भारी मात्रा में स्मैक लेकर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर जयसिंहनगर बस स्टैंड में घेराबंदी कर बस की सघन तलाशी ली गई, तलाशी के दौरान बीच सीट पर बैठे एक पुरुष और महिला संदिग्ध पाए गए। 

पूछताछ में उन्होंने अपने नाम आरती सेन (पति राजेन्द्र उर्फ इंदू सेन, निवासी पुरानी बस्ती शहडोल) और किशन भारती (पिता स्व. संतोष भारती, निवासी अंबेडकर कॉलोनी शहडोल) बताए, तलाशी में उनके कब्जे से 12.98 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 30 हजार रुपए आंकी गई है। साथ ही मोबाइल, नगदी और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए,पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि यह स्मैक प्रयागराज (इलाहाबाद) से खरीदी गई थी। उन्होंने बताया कि यह काम वे पुनम गर्ग उर्फ मुन्नी गर्ग और शुभम बत्रा (निवासी शहडोल) के कहने पर कर रहे थे,पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इन दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। 

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरती सेन का पति पहले से ही स्मैक तस्करी के मामले में जेल में बंद है। पति के जेल जाने के बाद आरती ने ही इस अवैध कारोबार की कमान संभाल ली थी और सक्रिय रूप से सप्लाई चेन चला रही थी,पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ थाना जयसिंहनगर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21, 29 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि शहडोल में अब नशे का कारोबार संगठित रूप ले चुका है। 

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