संजय वाणी, आलीराजपुर। मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले में मतदाता सूची की गंभीर गड़बड़ी ने प्रशासनिक सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 17 जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में “मृत” घोषित कर उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। मामला सामने आते ही आलीराजपुर कलेक्टर नीतू माथुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभारी CMO कमल मुजाल्दा को जोबट नगर परिषद में लाइन अटैच कर दिया और विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण 2025 के दौरान यह लापरवाही सामने आई। हैरानी की बात यह रही कि जिन लोगों को “मृत” दिखाया गया, वे खुद अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हो गए। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई मतदाताओं को “शिफ्टेड” बताकर भी सूची से बाहर किया गया, जबकि वे अब भी उसी क्षेत्र में निवास कर रहे हैं।
7 अप्रैल को भाजपा पार्षद दल की शिकायत के बाद मामला तूल पकड़ गया। भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष मकु परवाल ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि सिर्फ लाइन अटैच करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा हाईकोर्ट का रुख किया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अभी भी 21 जीवित लोग मतदाता सूची में मृत दर्ज हैं और सैकड़ों पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। अंदरखाने यह चर्चा है कि जांच आगे बढ़ी तो और भी बड़ी लापरवाही सामने आ सकती है। फिलहाल जिला प्रशासन ने पूरे मामले की पुनः जांच शुरू कर दी है और गड़बड़ियों को सुधारने के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

