बंगाल विधानसभा चुनाव (Bengal Assembly Elections) के प्रथम चरण के मतदान से ठीक पहले राजनीतिक गलियारों में खलबली मची हुई। राजनीति पार्टियों के बीच तीखी जुबानी जंग के बीच बड़ी खबर सीएम ममता बनर्जी को झटका देने वाली आई है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी टीएमसी (TMC) का चुनावी मैनेजमेंट संभालने वाली संस्था (I-PAC) ने अचानक राज्य में अपने सभी कामकाज अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार, संस्था ने ई-मेल के जरिए पश्चिम बंगाल में काम कर रहे अपने कर्मचारियों को अगले 20 दिनों की छुट्टी पर भेज दिया है।

संस्था की ओर से भेजे गए मैसेज में ‘कानूनी वजहों’ का हवाला दिया गया है। मेल में लिखा गया है कि 11 मई को हालात की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। हालांकि, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की एक ‘सुनियोजित साजिश’ करार दिया है।

पश्चिम बंगाल में TMC का चुनावी मैनेजमेंट संभालने वाली संस्था (I-PAC) ने अचानक राज्य में अपने सभी कामकाज अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। खबरों के तूल पकड़ते ही तृणमूल कांग्रेस ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। पार्टी ने कहा कि आई-पैक द्वारा काम रोकने की खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। आई-पैक की बंगाल टीम पूरी तरह सक्रिय है और हमारी चुनावी रणनीति योजनानुसार चल रही है।

तृणमूल ने आरोप लगाया कि यह भ्रामक सूचनाएं बंगाल की जनता का ध्यान भटकाने और जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा करने के लिए फैलाई जा रही हैं। पार्टी ने विश्वास जताया कि चार मई को आने वाले परिणाम इन साजिशों का करारा जवाब देंगे। IPAC टीम TMC के साथ पूरी तरह से जुड़ी हुई है और पूरे राज्य में चुनाव प्रचार का काम योजना के अनुसार जारी है।

टीएमसी ने एक बयान जारी करते हुए कहा- हमें एक मीडिया रिपोर्ट मिली है जिसमें दावा किया गया है कि IPAC ने अगले 20 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल में अपना काम रोक दिया है। यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है और ऐसा लगता है कि यह जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा करने की एक जान-बूझकर की गई कोशिश है।

आपको बताते चले कि I-PAC और उसके डायरेक्टर पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इस मामले में CBI ने 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला करीब 2,742 करोड़ रुपए से जुड़ा है। पिछले चार महीनों में दो बार में देश भर के चार से ज्यादा आफिसों में रेड पड़ चुकी है। आई-पैक और जांच एजेंसियों के बीच का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। ज्ञात हो कि कुछ समय पहले ईडी की छापेमारी के दौरान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आई-पैक दफ्तर पहुंची थीं और केंद्रीय एजेंसियों पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया था।

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