बक्सर। बिहार के जिले में सोमवार को गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाया। यहां पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण एक स्कूल के 10 विद्यार्थी कक्षा में ही बेहोश हो गए। आनन-फानन में सभी बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना ने प्रशासन और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
कैमूर सबसे गर्म, 5 जिलों में ‘लू’ जैसे हालात
राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में सूरज की तपिश बर्दाश्त से बाहर होती जा रही है। सोमवार को कैमूर जिला 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म रहा। इसके अलावा औरंगाबाद (42°C), रोहतास (41°C) और नालंदा (41°C) में भी भीषण गर्मी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 5 जिलों में वर्तमान में लू जैसे हालात बने हुए हैं।
अगले 72 घंटे और भी भारी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर गया, औरंगाबाद, कैमूर, बक्सर और रोहतास जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। यदि शुष्क हवाएं इसी तरह चलती रहीं, तो आधिकारिक तौर पर ‘हीट वेव’ की घोषणा की जा सकती है। राजधानी पटना में भी उमस भरी गर्मी के साथ पारा 42 डिग्री तक पहुंच सकता है।
बिहार में दो तरफा मौसम: कहीं बारिश, कहीं तपिश
राज्य में मौसम के दो अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर दक्षिण बिहार जल रहा है, वहीं दूसरी ओर सीमांचल और उत्तर-पूर्वी जिलों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण बारिश हुई है। सुपौल, कटिहार, मधुबनी, मधेपुरा और किशनगंज में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां का मौसम सुहावना बना हुआ है। सुपौल के राघोपुर में सर्वाधिक 25.2 मिमी वर्षा हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
बढ़ते तापमान और उमस को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, तरल पदार्थों का सेवन करने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने का सुझाव दिया गया है।
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