मुजफ्फरपुर। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा सोमवार को मुजफ्फरपुर के खबरा पहुंचे। अवसर था अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती के पावन महोत्सव का। कार्यक्रम में पहुंचते ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान विजय सिन्हा ने न केवल धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला, बल्कि बिहार की वर्तमान राजनीतिक दिशा और भाजपा की कार्यशैली पर भी बेबाक राय रखी।

​भगवान परशुराम की कृपा

​विजय सिन्हा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि अक्षय तृतीया का यह दिन संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कामना की कि बिहार निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार, भगवान परशुराम के आशीर्वाद से बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उनके अनुसार, सुशासन ही राज्य की असली शक्ति है।

​सामूहिक नेतृत्व: भाजपा की असली ताकत

​पार्टी के भीतर लिए जाने वाले फैसलों पर चर्चा करते हुए विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एनडीए किसी व्यक्ति विशेष या जाति के इर्द-गिर्द नहीं घूमती। उन्होंने कहा, बीजेपी सामूहिक नेतृत्व की विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है। यहां निर्णय किसी बंद कमरे में एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि सामूहिक चर्चा से लिए जाते हैं। उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि जब पार्टी कोई निर्णय लेती है, तो हर कार्यकर्ता उसे न केवल स्वीकार करता है, बल्कि पूरे उत्साह के साथ उसका स्वागत भी करता है।

​सुशासन से समृद्धि की ओर बिहार

​बिहार के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर बात करते हुए सिन्हा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में बिहार को ‘सुशासन से समृद्धि’ की ओर ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे एकजुट होकर राज्य के मान, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करें और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दें।

​विपक्ष पर प्रहार: महिला शक्ति देगी जवाब

​विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों ने महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के हर बड़े अवसर को गंवाया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश और प्रदेश की ‘नारी शक्ति’ ऐसे लोगों को आने वाले समय में करारा जवाब देगी। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महिलाएं अब अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह सजग हैं।