परिवहन विभाग ने निजी बसों में सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को फ्री यात्रा करवाने के सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि, हांसी में प्राइवेट बस एसोसिएशन ने आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए इन आदेशों को मानने से मना कर दिया है।
नवीन शर्मा, हांसी। हरियाणा में निजी बस संचालकों (Private Bus Operators) और सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि प्राइवेट बस वाले बुजुर्गों, दिव्यांगों और छात्राओं को बस में नहीं चढ़ाते हैं। इसके बाद विभाग ने आदेश जारी किया कि प्राइवेट बसों को भी रोडवेज की तर्ज पर फ्री और रियायती पास मान्य करने होंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धन सिंह और हांसी एसोसिएशन के प्रधान दिनेश सिंह बडाला ने स्पष्ट किया कि वे इन शर्तों को नहीं मानेंगे। संचालकों का तर्क है कि रोडवेज को सरकार से पैसा मिलता है, लेकिन निजी बसों को कोई आर्थिक मदद नहीं दी जाती।

डीसी से मुलाकात और मुआवजे की मांग
प्राइवेट बस एसोसिएशन के सदस्य आज अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त (DC) से मिले। उन्होंने कहा कि बिना किसी मुआवजे के फ्री यात्रा करवाना उनके लिए संभव नहीं है। एसोसिएशन के अनुसार, रोडवेज खुद पास जारी करता है और उसका पैसा भी वसूलता है, ऐसे में प्राइवेट बसें यह बोझ क्यों उठाएं? दूसरी ओर, हरियाणा रोडवेज के टीएम सुखबीर सिंह ने बताया कि शिकायतों को आईटीओ (ITO) विभाग के पास भेजा जा रहा है। सरकार के निर्देशों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर अब विभाग कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। इस खींचतान की वजह से आम यात्री और पास धारक काफी परेशान हो रहे हैं।
कार्रवाई की चेतावनी और भविष्य की रणनीति
परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि जो भी बस संचालक नियमों को तोड़ेगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। हालांकि, बस संचालक अपनी जिद पर अड़े हैं और उन्होंने प्रशासन से ठोस समाधान की अपील की है। फिलहाल, इस विवाद के कारण सड़कों पर हंगामे की स्थिति बनी हुई है। यदि सरकार और संचालकों के बीच जल्दी सहमति नहीं बनी, तो आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए विभाग अब हर रूट पर निगरानी बढ़ाने की योजना बना रहा है।

