कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार अब कुरुक्षेत्र को सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए एक बड़े आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। गीता के उपदेश स्थल के रूप में प्रसिद्ध इस ऐतिहासिक शहर को इंटरनेशनल टूरिज्म मैप पर मजबूती से स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा एक विस्तृत और महत्वाकांक्षी कार्य योजना तैयार की जा रही है।
इस योजना के तहत पिपली से लेकर ज्योतिसर तक बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने की तैयारी है, जिसके लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव और केडीबी (Kurukshetra Development Board) के सदस्य सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मास्टर प्लान को जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य कुरुक्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वस्तरीय पर्यटन अनुभव के साथ विकसित करना है, ताकि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटक भी यहां आकर्षित हों।
सूत्रों के अनुसार, इस मेगा प्लान में धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism), सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) और आधुनिक सुविधाओं (Modern Infrastructure) का समावेश किया जाएगा। पिपली-ज्योतिसर कॉरिडोर को खास तौर पर विकसित करते हुए सड़क, लाइटिंग, पार्किंग, सूचना केंद्र (Information Centers) और पर्यटक सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा।

इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार (Local Employment) के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार की इस पहल को कुरुक्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद यह मास्टर प्लान कितनी तेजी से धरातल पर उतरता है और गीता स्थली को वैश्विक पहचान दिलाने में कितना सफल होता है।
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