कुंदन कुमार/ पटना। ​बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज यानी शुक्रवार को विधानसभा के विशेष सत्र में अपनी सरकार का विश्वास मत पेश करेंगे। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए विधानसभा पहुंचने पर NDA विधायकों ने उनका भव्य स्वागत किया, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने ‘विक्ट्री साइन’ दिखाकर अपनी जीत का भरोसा जताया।

​NDA का पलड़ा भारी: 201 विधायकों का समर्थन

​मौजूदा आंकड़ों के लिहाज से सम्राट सरकार को किसी बड़ी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। 242 सदस्यीय विधानसभा में (एक सीट रिक्त होने के बाद) बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 है, जबकि सरकार के पास 201 विधायकों का प्रचंड समर्थन मौजूद है। इसमें भाजपा के 88, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19, हम (HAM) के 5 और रालोमो (RLM) के 4 विधायक शामिल हैं।

​विपक्ष में खलबली और सेंधमारी का डर

​दूसरी ओर, विपक्ष की कमान संभाल रहे तेजस्वी यादव के खेमे में चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं। विपक्ष के पास केवल 41 विधायक बचे हैं। तेजस्वी यादव को सबसे बड़ा डर सत्ता पक्ष द्वारा अपनी पार्टी में ‘सेंधमारी’ का सता रहा है। यह डर बेवजह नहीं है; हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान राजद और कांग्रेस के चार विधायकों ने क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थित रहकर पहले ही अपने बागी तेवर दिखा दिए थे।

​रणनीतिक बिसात और आगामी कैबिनेट विस्तार

​नीतीश कुमार के 14 अप्रैल को इस्तीफा देने के बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चौधरी अपने मंत्रिमंडल विस्तार से पहले फ्लोर टेस्ट के जरिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना चाहते हैं, ताकि भविष्य की राह निष्कंटक हो सके। कांग्रेस के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि पार्टी अब तक अपने विधायक दल के नेता का चुनाव भी नहीं कर पाई है। आज सदन की कार्यवाही में विश्वास मत के अलावा कोई अन्य कार्यसूची नहीं रखी गई है।