दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने राजधानी में अपने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी के तहत एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की है। दिल्ली कांग्रेस (Indian National Congress) के वरिष्ठ नेता और कोषाध्यक्ष अजय माकन (Ajay Maken), दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव (Devender Yadav) और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब (Uday Bhanu Chib) ने “बेहतर दिल्ली” नाम से इस अभियान की शुरुआत का ऐलान किया है।

पार्टी नेताओं के अनुसार, यह अभियान 1 मई से शुरू होगा और इसमें “बेहतर दिल्ली संवाद, संघर्ष और समाधान” के तहत मोहल्ला स्तर पर जनसंपर्क कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय मुद्दों को सीधे जनता तक पहुंचकर संगठन को मजबूत करना बताया गया है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि दिल्ली में लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के बाद पार्टी अब जमीनी स्तर पर फिर से मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में 2029 के लोकसभा चुनाव और 2030 में राज्य में सत्ता में वापसी को लक्ष्य बनाकर यह अभियान तैयार किया गया है।

दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने केंद्र और राज्य की मौजूदा राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी दोनों को कटघरे में खड़ा किया है। अजय माकन ने कहा कि शीला दीक्षित सरकार के बाद दिल्ली के पिछले 12 साल केंद्र और राज्य के बीच लगातार टकराव में बर्बाद हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राजनीतिक खींचतान का नुकसान सीधे तौर पर दिल्ली के विकास और प्रशासन पर पड़ा है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, अब हालात ऐसे हैं कि “परिपक्व नेतृत्व की कमी” के कारण दिल्ली की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी को फिर से विकास की पटरी पर लाने के लिए मजबूत और स्थिर नेतृत्व की जरूरत है।

बेहतर दिल्ली बनाने के लिए कांग्रेस का अभियान

 कांग्रेस मानती है कि दिल्ली में फिलहाल केंद्र, एमसीडी और राज्य तीनों स्तरों पर भारतीय जनता पार्टी का प्रभाव है, जबकि आम आदमी पार्टी दिल्ली में सत्ता से बाहर हो चुकी है। इसी पृष्ठभूमि में कांग्रेस यह प्रयास कर रही है कि वह खुद को फिर से एक मजबूत विपक्ष के रूप में स्थापित करे और धीरे-धीरे वोटबैंक वापस हासिल करे। रणनीतिक रूप से यह भी माना जा रहा है कि अगर कांग्रेस पंजाब जैसे राज्यों में (उदाहरण के लिए 2027 के चुनावों में) बेहतर प्रदर्शन कर सत्ता में वापसी करती है, तो इसका असर AAP की राष्ट्रीय स्थिति पर पड़ सकता है। इसके अलावा 2029 के लोकसभा चुनाव को भी एक बड़ा अवसर माना जा रहा है, जहां कांग्रेस खुद को राष्ट्रीय विकल्प के रूप में फिर से मजबूत कर सकती है।

उन्होंने कहा कि एक समय दिल्ली को “ग्रीन कैपिटल” के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं और शहर “पॉल्यूशन कैपिटल” बन गया है। उनके अनुसार, इसके लिए केंद्र और राज्य स्तर पर जिम्मेदार नेतृत्व नीतियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण और शहरी प्रबंधन को लेकर लगातार बहस चल रही है। कांग्रेस का कहना है कि वह “बेहतर दिल्ली” अभियान के जरिए इन मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी और मौजूदा सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाएगी।

मुहल्लावार जनता से संवाद करेगी कांग्रेस

दिल्ली की राजनीति में सक्रियता बढ़ाते हुए कांग्रेस ने अपने “बेहतर दिल्ली” अभियान के तहत राजधानी के अलग-अलग इलाकों में मोहल्ला स्तर पर जनता से सीधा संवाद करने की योजना बनाई है।पार्टी की योजना के मुताबिक, इस अभियान में गर्मी, सर्दी और बरसात के दौरान लोगों को होने वाली समस्याओं पर खास फोकस किया जाएगा। इसमें पीने के पानी की कमी, बिजली की समस्या, बेरोजगारी और कूड़े के ढेर जैसे मुद्दों को प्राथमिकता से उठाया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हर समस्या को लेकर सरकार को एक तय समयसीमा (टाइमलाइन) दी जाएगी, ताकि सुधार की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। यदि तय समय में सुधार नहीं होता है, तो पार्टी जनता के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन जैसे आंदोलनात्मक कदम भी उठाएगी। इसके बाद समाधान के वैकल्पिक सुझाव भी तैयार किए जाएंगे। इस अभियान को विशेष रूप से यूथ कांग्रेस से जोड़ा गया है, क्योंकि पार्टी का मानना है कि 2014 के बाद संगठन में कई पुराने नेता या तो सक्रिय नहीं रहे, उम्रदराज हो गए या पार्टी से अलग हो गए हैं। ऐसे में कांग्रेस  के जरिए नई और ऊर्जावान नेतृत्व पीढ़ी तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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