कुंदन कुमार/पटना/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की चुनावी बिसात पर अब बिहार के सियासी सूरमाओं ने भी ताल ठोक दी है। कोलकाता में प्रवासी बिहारियों के बीच पहुंचे बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कुछ ऐसा कहा, जिसने न केवल सभा में जोश भर दिया, बल्कि सियासी गलियारों में सस्पेंस भी गहरा कर दिया है। तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए साफ कर दिया कि वह जांच एजेंसियों की धमकियों से दबने वाले नहीं हैं।
लालू का जिक्र और भावुक अपील
तेजस्वी ने अपने भाषण की शुरुआत पिता लालू प्रसाद यादव के संघर्षों से की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लालू जी को ED, CBI और इनकम टैक्स का डर दिखाकर झुकाने की कोशिश की गई थी, लेकिन बिहार की मिट्टी ने कभी हारना नहीं सीखा। तेजस्वी ने दहाड़ते हुए कहा, बिहार के लोग जानते हैं कि लालू यादव को डराया जा रहा था, लेकिन वह डरे नहीं, बल्कि सीना तानकर लड़े।
जांच एजेंसियों पर सस्पेंस भरा हमला
खुद पर हो रही कार्रवाई का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने इसे एक साजिश बताया। उन्होंने सस्पेंसिया लहजे में कहा, पहले पिता को डराया, अब उनके बेटे पर मुकदमे और छापे पड़ रहे हैं। लेकिन क्या लालू यादव का ‘बेटवा’ डर जाएगा? कतई नहीं! उन्होंने जनता से सवाल किया कि जो सच के लिए लड़ रहा है, उसे इन कागजी कार्रवाइयों से क्या फर्क पड़ेगा?
ममता बनर्जी के लिए ‘बिहारी’ ढाल
अंत में तेजस्वी ने ममता बनर्जी (दीदी) का समर्थन करते हुए बंगाल और बिहार के रिश्तों को एक नई मजबूती दी। उन्होंने कहा कि जब बिहार का बेटा नहीं डर रहा, तो बंगाल की दीदी इन एजेंसियों से क्यों डरेंगी? उन्होंने बिहारियों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि इस बार का वोट सिर्फ एक पार्टी को नहीं, बल्कि डराने वाली ताकतों को करारा जवाब देने के लिए होना चाहिए।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

