पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका गुवाहाटी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। असम के सीएम की पत्नी से जुड़े इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए अब पूरी कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ खड़ी है। इसके साथ ही आगे कहा कि  डराने- धमकाने की राजनीति पर न्याय की जीत होगी। 

पवन खेड़ा को अदालत से राहत दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। गुवाहाटी हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी उनके साथ मुस्तैदी से खड़ी है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को भले ही अग्रिम जमानत के लिए देश भर की अदालतों में भटकना पड़ रहा हो, लेकिन उनकी पार्टी उनके साथ पूरी तरह से खड़ी है। कांग्रेस पार्टी के राज्य सभा सांसद और महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को गुवाहाटी हाई कोर्ट से पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट करके यह जानकारी दी है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि पार्टी पवन खेड़ा को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी में भी है। कांग्रेस पार्टी ने भरोसा जताया है कि पवन खेड़ा को न्याय दिलाने में वे सफल होंगे।

कांग्रेस ने शनिवार को अपने नेता पवन खेड़ा के साथ एकजुटता दिखाई। इसके साथ ही कहा कि गुवाहाटी उच्च न्यायालय की ओर से उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि धमकी और डराने-धमकाने की राजनीति पर न्याय की विजय होगी।

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जो उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्ति होने के आरोपों के संबंध में दायर की थी। 

आपको बताते चले कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में खेड़ा के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराए। शुरू में, खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद, उन्होंने तेलंगाना उच्च न्यायालय का रुख किया, क्योंकि कांग्रेस नेता हैदराबाद के निवासी हैं। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने उन्हें सात दिन की अग्रिम जमानत दी, लेकिन असम पुलिस ने इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश प्राप्त किया और खेड़ा को गुवाहाटी उच्च न्यायालय में जाने के लिए कहा।

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