सीआईए हथीन की टीम ने गुरुग्राम से ब्लू डार्ट कंपनी के ₹1.35 करोड़ से अधिक के इलेक्ट्रॉनिक सामान का गबन करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में लैपटॉप, की-बोर्ड और वारदात में प्रयुक्त कैंटर बरामद किया है।
दीपक भारद्वाज, पलवल। जिला पुलिस ने करोड़ों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान के गबन मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पलवल पुलिस अधीक्षक (SP) नीतीश अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि सीआईए हथीन प्रभारी दीपक गुलिया की टीम ने गुरुग्राम से ब्लू डार्ट कंपनी की गाड़ी से गायब हुए करोड़ों के माल का मात्र 7 दिन में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को केएमपी (KMP) रोड से उस समय गिरफ्तार किया, जब वे चोरी के माल के साथ ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अतुल (मास्टरमाइंड), विपिन उर्फ योगेंद्र (अलीगढ़) और रिंकू (दिल्ली) के रूप में हुई है।
ब्लू डार्ट कंपनी के माल का गबन और 1.35 करोड़ की बरामदगी
वारदात का सिलसिला 16 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब चालक मोहम्मद दिलशाद पंजाब से करीब 1.59 करोड़ रुपये का माल लेकर पटौदी के लिए निकला था। 17 अप्रैल को गाड़ी लावारिस मिली और अधिकतर माल गायब था, जिसके संबंध में थाना पटौदी, गुरुग्राम में एफआईआर दर्ज की गई थी। सीआईए हथीन की टीम ने 23 अप्रैल की रात जाल बिछाकर आरोपियों को एक लाल रंग के आयशर कैंटर के साथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने 1.35 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत के 148 एचपी लैपटॉप, 140 की-बोर्ड, 4 प्रिंटर, 30 एडॉप्टर और अन्य एक्सेसरीज बरामद की हैं। जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड अतुल हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक सामान को निशाना बनाने में माहिर है।
शातिर अपराधी है मास्टरमाइंड, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पकड़ा गया मुख्य आरोपी अतुल एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश के इटावा, नोएडा और गुरुग्राम में गबन और चोरी के तीन गंभीर मामले दर्ज हैं। वह पहले भी 800 मोबाइल फोन और लैपटॉप की वारदातों को अंजाम दे चुका है। एसपी नीतीश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि पलवल में अपराध और नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। फिलहाल, गिरोह के फरार चालक सहित अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि इस पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क को जड़ से उखाड़ा जा सके।

