एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों और आंगनबाड़ियों के माध्यम से भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया।
लक्ष्य वर्मा, करनाल। एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित करने के लिए एचपीवी (HPV) टीकाकरण को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित उपमंडल स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 और 15 वर्ष की आयु वर्ग की लड़कियों के लिए यह टीकाकरण अनिवार्य है। एसडीएम ने कहा कि सही समय पर लिया गया यह सुरक्षा कवच बेटियों को कैंसर के खतरे से बचाएगा, जो न केवल जनहित बल्कि देश हित में भी एक बड़ा कदम है।

माइक्रो प्लान के साथ काम करेगा शिक्षा विभाग
बैठक के दौरान एसडीएम ने टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और इसके सकारात्मक परिणामों के प्रति समाज को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में ‘सूचना, शिक्षा और संचार’ (ICE) गतिविधियों को बढ़ाने के लिए एक प्रभावी माइक्रो प्लान तैयार किया जाए। इसके तहत विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बीडीपीओ को सरपंचों और पंचों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने तथा गांवों में मुनादी करवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी पात्र बच्ची इस सुरक्षा चक्र से न छूटे।
आंगनबाड़ी और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका
अभियान को सफल बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को जमीनी स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं से अपील की कि वे न केवल स्वयं इस टीके के महत्व को समझें, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं और अभिभावकों को भी अपनी बेटियों का टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित करें। प्रशासन का लक्ष्य लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत लड़कियों का टीकाकरण सुनिश्चित करना है, ताकि हरियाणा को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने की दिशा में मज़बूत कदम बढ़ाए जा सकें।

