फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने ममता को शर्मसार कर दिया है। पल्ला थाना क्षेत्र के एक नाले में मिली डेढ़ साल की बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस बच्ची को पूरा शहर ढूंढ रहा था, उसकी जान किसी और ने नहीं बल्कि उसकी सगी मां ने ही ली है। मैदानी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस की सख्ती के बाद महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
सीसीटीवी फुटेज से खुला मौत का राज
इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों ने बड़ी भूमिका निभाई। दरअसल, क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम को एक फुटेज मिली जिसमें आरोपी महिला अपनी डेढ़ साल की बेटी को गोद में लेकर नाले की तरफ जाती दिखी। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटी तो उसकी गोद खाली थी। इसी शक के आधार पर जब पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसने अपनी ही बेटी को जिंदा नाले में फेंक दिया था।
गरीबी और छह बेटियों का बोझ बना वजह
पुलिस जांच में जो बात निकलकर सामने आई है, वह समाज की कड़वी सच्चाई को बयां करती है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला का परिवार बेहद आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। मृत बच्ची परिवार में छठे नंबर की बेटी थी, उससे पहले उसकी पांच और बहनें हैं। घर की माली हालत और बेटियों की जिम्मेदारी के दबाव में आकर मां ने यह खौफनाक कदम उठाया। गौरतलब है कि तीन दिन पहले धीरज नगर और टीटू कॉलोनी के पास बुढ़िया नाला में बच्ची का शव जाल में फंसा मिला था, जिसे सबसे पहले स्कूल जाने वाले बच्चों ने देखा था।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
पल्ला थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को महज कुछ घंटों में सुलझा लिया है। फिलहाल आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इलाके के लोग इस घटना के बाद से सदमे में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक तंगी या सामाजिक दबाव किसी भी सूरत में अपराध का बहाना नहीं हो सकता।

