इन्द्रपाल सिंह, इटारसी। सिवनी-मालवा की उपनगरी बानापुरा में शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे एक निजी अस्पताल में हड़कंप मच गया। जहां उपचार के दौरान लगभग 15 साल की बच्ची की मौत हो गई। जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर से मिलने की मांग की लेकिन वह अपने चेंबर से बाहर ही नहीं आए।

घबराहट की वजह से अस्पताल में भर्ती हुई थी नाबालिग

बताया जा रहा है कि बच्ची को शनिवार दोपहर घबराहट की शिकायत हुई थी। जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि बच्ची पूरी तरह सामान्य है और उसे कोई खतरा नहीं है। परिजनों का कहना है कि बच्ची को अस्पताल के एक कर्मचारी ने पानी पिलाया और कुछ देर बाद उन्हें यह बताया गया कि उसे पानी से संक्रमण हो गया है। इसके बाद रात में बच्ची खाना खाने के बाद बाथरूम गई जहां वह गश खाकर गिर पड़ी।

प्रबंधन ने कहा – ‘गिरने से हुई मौत’

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि गिरने की वजह से नाबालिग की मौत हुई है। जब इस मामले में परिजनों द्वारा ड्यूटी डॉक्टर से बात करने की कोशिश की गई तो वो अपने चैंबर से बाहर ही नहीं निकला।

परिजनों ने की डॉक्टर से मिलने की मांग

बताया जा रहा है कि बच्ची के पिता नहीं है और उसके चाचा ही उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे। मृतक नाबालिग के परिजनों ने मांग की है कि जिस डॉक्टर ने बच्ची का इलाज किया है उन्हें सामने बुलाकर बात की जाए, लेकिन संबंधित डॉक्टर परिजनों के सामने आने को तैयार ही नहीं हुआ। इससे परिजनों का गुस्सा बढ़ता गया और परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

पुलिस ने कराया परिजनों का गुस्सा शांत

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा काफी मशक्कत करने के बाद बच्ची के परिजन शांत हुए और शव लेकर वहां से रवाना हुए।

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