Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है। कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग के दो सबसे खास और वांटेड गुर्गों को पुलिस ने झोटवाड़ा इलाके से दबोच लिया है। इसमें एक वो बदमाश है जिसकी पुलिस को 3 साल से तलाश थी और दूसरा वो जिस पर हत्या के प्रयास और चेन स्नेचिंग जैसे 27 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। एडीजी दिनेश एमएन की इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश के अंडरवर्ल्ड और गैंगस्टर्स में हड़कंप मच गया है।

3 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़ा गया मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह (31) चूरू के रतनगढ़ का रहने वाला है। यह वही शख्स है जिसने सुजानगढ़ के चर्चित जेडीजे ज्वैलर्स पर सरेआम फायरिंग की थी। 2023 से फरार चल रहा कृष्ण सिंह जयपुर के पॉश इलाकों में छिपकर अपनी पहचान बदल चुका था। पुलिस को भनक लगी थी कि वह झोटवाड़ा में ठिकाना बनाकर रह रहा है, जिसके बाद AGTF ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।

गैंगस्टर रोहित गोदारा से था डायरेक्ट कनेक्शन

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कृष्ण सिंह का गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण से सीधा संपर्क था। वह सीधे दुबई या विदेश में बैठे गैंगस्टर्स के इशारे पर काम करता था। राजस्थान के बड़े कारोबारियों को रंगदारी (Protection Money) के लिए धमकाना और उन पर फायरिंग कर खौफ पैदा करना इसका मुख्य काम था। बताया जा रहा है कि यह पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है, लेकिन बाहर आते ही फिर से अपराध की दुनिया में एक्टिव हो गया।

27 मुकदमों का आदतन अपराधी भी गिरफ्त में

कृष्ण सिंह के साथ ही पुलिस ने लक्ष्मण सिंह (34) को भी गिरफ्तार किया है। लक्ष्मण सिंह नावा सिटी (डीडवाना-कुचामन) का रहने वाला है और उस पर हत्या के प्रयास जैसे कुल 27 मुकदमे दर्ज हैं। वैशाली नगर और मकराना पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश में थी। पुलिस अब इन दोनों से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि जयपुर में और कौन-कौन लोग इनके मददगार थे और आने वाले दिनों में ये किस बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे।

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