पटना। बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने राज्य में कोहराम मचा दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, आंधी-बारिश और वज्रपात की चपेट में आने से कुल 17 लोगों की दुखद मौत हो गई है। जान-माल का यह नुकसान कई जिलों में हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है।

​यातायात पर भारी असर, फ्लाइट्स और ट्रेनें प्रभावित

​खराब मौसम का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। राजधानी पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दृश्यता कम होने के कारण 4 उड़ानों को अन्य शहरों के लिए डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 18 जोड़ी उड़ानें घंटों देरी से चलीं। इस अव्यवस्था के कारण करीब 500 से अधिक यात्री एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे।
​रेलवे पर भी इसका व्यापक असर दिखा। पटना के गुलजारबाग स्टेशन के पास तेज आंधी के कारण एक बड़ा बैनर वंदे भारत एक्सप्रेस के पावर सप्लाई पेंटोग्राफ में फंस गया। गनीमत रही कि ट्रेन किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बच गई, लेकिन इस तकनीकी खराबी के चलते ट्रेन को पटना साहिब स्टेशन पर करीब 2 घंटे तक रोके रखना पड़ा। इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी ट्रेनें घंटों प्रभावित रहीं।

​सीवान में सर्वाधिक वर्षा, मौसम विभाग का अलर्ट

​मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक बारिश सीवान (135.4 मिमी) में दर्ज की गई। इसके अलावा मोतिहारी (116 मिमी), गोपालगंज के विजयपुर (101 मिमी) और पटना (68 मिमी) में भी रिकॉर्ड बारिश हुई। विभाग ने शनिवार को बांका और भागलपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी है। राज्य के 25 जिलों में आज ‘यलो अलर्ट’ जारी है, जबकि 9 जिलों के 155 प्रखंडों में ‘रेड अलर्ट’ की स्थिति बनी हुई है।

​आगे क्या है मौसम का हाल?

​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज पटना सहित कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। हालांकि, राहत की यह स्थिति अस्थायी है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि 2 जून के बाद से तापमान में फिर से वृद्धि होगी। जून महीने में सामान्य से कम बारिश और भीषण ‘हीट वेव’ (लू) चलने की आशंका जताई गई है, जिससे राज्यवासियों को फिर से भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।