पवन राय, मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला से एक बेहद गंभीर, चिंताजनक घटना सामने आई है। दुनिया भर में अपनी जैव विविधता और टाइगर कंजर्वेशन मॉडल के लिए मशहूर कान्हा टाइगर रिजर्व एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार वजह गौरव नहीं बल्कि लगातार हो रही बाघों की मौत है। इन मौतों की वजह से कहीं न कहीं सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरअसल, ताजा मामला सरही इलाके का है जहां शुक्रवार को एक नर बाघ शावक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। लेकिन ये सिर्फ एक मौत नहीं है ये एक सिलसिले की अगली कड़ी है। बताया जा रहा है कि जिस शावक का शव मिला है वो उसी का भाई था जिसकी मौत महज दो दिन पहले यानी 21 अप्रैल को हो चुकी थी यानि एक ही इलाके में एक ही परिवार के दो शावकों की मौत और वो भी कुछ ही दिनों के भीतर हुई है।
शव मिलने के बाद वन विभाग हरकत में आया। हाथियों और डॉग स्क्वॉड की मदद से इलाके की सघन तलाशी ली गई ताकि किसी शिकार, जहर या बाहरी हस्तक्षेप की आशंका को खारिज किया जा सके। लेकिन सच्चाई ये है कि अब तक मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम किया गया लेकिन शव इतनी खराब हालत में था कि डॉक्टर भी स्पष्ट कारण नहीं बता पाए। अब शरीर के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मौत के डरावने वाले आंकड़े
पिछले 1 महीने में 5 बाघों की मौत और बीते 8 महीनों में 9 बाघ और 5 तेंदुए अपनी जान गंवा चुके हैं। सिर्फ अप्रैल महीने की बात करें तो बाघिन टी-122 की मौत फिर दो शावकों की मौत और अब एक और शावक की मौत हो चुकी है।
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