उपायुक्त नेहा सिंह के निर्देशानुसार एसएमडीए की टीम ने खरखौदा के नाहरी गांव में अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान 66 डीपीसी और निर्माणाधीन मकानों को जमींदोज कर दिया गया।
संजीव घनगस, सोनीपत। महानगर विकास प्राधिकरण (SDMA) ने जिले में अवैध निर्माणों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। सोमवार को उपायुक्त नेहा सिंह के मार्गदर्शनानुसार, जिला नगर योजनाकार (DTP) नीलम शर्मा के नेतृत्व में एसएमडीए की टीम ने खरखौदा नियंत्रित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव नाहरी की राजस्व भूमि पर बड़ी कार्रवाई की। विभाग द्वारा लगभग 7.5 एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही दो कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक चरण में ही अवैध निर्माणों को रोककर शहरी नियोजन को सुरक्षित रखना है।

66 DPC और रास्ते किए गए जमींदोज
तोड़फोड़ की यह व्यापक कार्रवाई ड्यूटी मैजिस्ट्रेट व सहायक अभियंता (SDMA) अंकित दहिया, एसएमडीए इंफोर्समेंट टीम और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में अंजाम दी गई। कार्रवाई के दौरान लगभग 7.5 एकड़ में फैली इन कॉलोनियों में बनाए गए 66 डीपीसी (DPC), एक निर्माणाधीन मकान और करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में ईंटों से बनाए गए रास्तों को मलबे में तब्दील कर दिया गया। डीटीपी नीलम शर्मा ने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है, क्योंकि भू-माफियाओं द्वारा बिना किसी अनुमति के इस क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी।
डीटीपी नीलम शर्मा ने दी कड़ी चेतावनी
डीटीपी नीलम शर्मा ने आमजन से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई को जोखिम में न डालें और अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी अवैध कॉलोनियों में सरकार द्वारा बिजली, पानी, सीवरेज या सड़क जैसी कोई भी मूलभूत सुविधा प्रदान नहीं की जाती है। किसी भी निर्माण से पूर्व एसएमडीए के सीईओ से अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि प्लॉट खरीदने से पहले प्राधिकरण के सेक्टर-12 स्थित कार्यालय में जाकर कॉलोनी की वैधता की जांच अवश्य कर लें, अन्यथा अवैध निर्माण को किसी भी समय ध्वस्त किया जा सकता है।

