चंडीगढ़ (कृष्ण कुमार सैनी). हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में दिए गए वक्तव्य पर जवाबी हमला किया है, जिसमें मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की तुलना श्रीकृष्ण से की थी।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा है कि जो मुख्यमंत्री सत्ता के नाम पर इतिहास की कहानियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी सरकार की विफलताओं और महिला आरक्षण पर असंवेदनशीलता को देखना चाहिए।
“श्रीकृष्ण बनाने वाले को याद दिलाई महाभारत की सच्चाई”राव नरेंद्र सिंह ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कौरव सत्ता के नशे में चूर होकर पांचाली का चीरहरण करते हैं, तो धृतराष्ट्र मूक दर्शक बने रहते हैं।
उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में भी स्थिति कुछ अलग नहीं, क्योंकि जहां कहीं नारी का अपमान हुआ है, वहां सत्ता का पतन अवश्य हुआ है।उन्होंने मुख्यमंत्री के वाक्य पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आप प्रधानमंत्री को श्रीकृष्ण बताते हैं, तो बताएं कि जब देश की बेटियों का चीरहरण हो रहा था, तब आपकी सरकार का सुदर्शन चक्र कहां था?” उन्होंने कहा कि महाभारत का सबसे बड़ा संदेश यह है कि “जहां स्त्रियों का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं”, जबकि भाजपा के शासन में महिलाओं के आंसू और चीखें गूंज रही हैं।

“खेलों की बेटियों से लेकर मणिपुर और हाथरस तक”
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह तर्क दिया कि मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण‑प्रधानमंत्री तुलना से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की है। राव नरेंद्र सिंह ने इन प्रसंगों को बार‑बार याद दिलाए :
* खेल से जुड़ी बेटियां जब दिल्ली की सड़कों पर न्याय की गुहार लगा रही थीं और पुलिस के जूतों तले रौंदी जा रहीं थीं, तब सरकार किस दुशासन को बचा रही थी?
* मणिपुर में निर्वस्त्र करके घुमाए गए महिला शरीरों के मामले पर प्रधानमंत्री ने कितने महीने तक मौन रखा, क्या वह भी “चीरहरण” नहीं था?
* हाथरस की दलित बेटी के साथ अमानवीय दरिंदगी के बाद प्रशासन द्वारा रातों‑रात शव जला दिया जाना, क्या वही “विकसित भारत” का नमूना है?
* उन्नाव के भाजपा विधायक के मामले में बलात्कारियों को जेल से रिहा होने पर फूल‑माला पहनाकर स्वागत करने वाली संस्कृति में “नारी सम्मान” की बात कैसे शोभा देगी?
“घरों में कैद” वाले आरोप का जवाब
मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में यह भी दावा किया था कि कांग्रेस महिलाओं को घरों में कैद करके रखना चाहती है, जिसका राव नरेंद्र सिंह ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वही पार्टी है जिसने देश को इंदिरा गांधी (पहली महिला प्रधानमंत्री), प्रतिभा पाटिल (पहली महिला राष्ट्रपति), मीरा कुमार (पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष और पहली महिला मुख्यमंत्री (सुचेता कृपलानी) जैसे पदों पर बिठाया।“हमारी सोच महिलाओं को बंद कमरों में नहीं, बल्कि देश के नेतृत्व के शीर्ष पदों पर बैठाने वाली है, वहीं आपकी मातृ संस्था RSS में आज तक महिलाओं को मंच पर बराबरी का दर्जा नहीं मिला।”
“श्रीकृष्ण का नाम लेने से पाप नहीं धुलते”राव नरेंद्र सिंह ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, न कि कांग्रेस पर आरोप लगाने चाहिए। उन्होंने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हरियाणा में 2023 में 15,758 से अधिक महिलाओं से जुड़े मामले दर्ज हुए, जिनमें 1,772 रेप के मामले थे, यानी औसतन हर रोज 5 रेप के मामले। उन्होंने कहा, “ये सिर्फ आंकड़े नहीं, हर उस बेटी की चीख है जो अभी भी न्याय मांग रही है।”
अंत में उन्होंने कहा, “भाषणों में श्रीकृष्ण का नाम लेने से पाप नहीं धुलते, और चुनाव में जनता उन्हीं नेताओं का जवाब देगी जो सत्ता के दौरान नारी सम्मान को लेकर घिनौनी नीति चलाते रहे हैं।” यह बयान उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी किया है, जो पूरे प्रदेश में तेज़ी से वायरल हो रहा है।
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