औरंगाबाद। बिहार की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के कुटुंबा विधायक ललन राम ने अपनी पार्टी के लिए बड़ी मांग रखी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आगामी मंत्रिमंडल विस्तार में HAM को कम से कम दो मंत्री पद मिलने चाहिए। विधायक ने न केवल राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रही धांधली को लेकर भी सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
औरंगाबाद की अनदेखी पर जताया दर्द
विधायक ललन राम ने कहा कि लंबे समय से औरंगाबाद जिला मंत्रिमंडल में उचित प्रतिनिधित्व से वंचित रहा है, जो जिले के विकास और कार्यकर्ताओं के मनोबल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने तर्क दिया कि औरंगाबाद में पार्टी का जनाधार बेहद मजबूत है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय शीर्ष नेतृत्व का होगा, लेकिन एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में उनकी प्रबल इच्छा है कि इस बार जिले की उपेक्षा न हो और HAM को दो कैबिनेट बर्थ दी जाएं।
शिक्षा के नाम पर ‘वसूली का केंद्र’ बने निजी स्कूल
राजनीतिक चर्चा के अलावा, ललन राम ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राइवेट स्कूल अब शिक्षा के मंदिर न रहकर ‘व्यवसाय के अड्डे’ बन गए हैं।
- री-एडमिशन का खेल:उन्होंने कहा कि हर साल री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है।
- मोनोपॉली (एकाधिकार): स्कूलों द्वारा पेरेंट्स पर दबाव बनाया जाता है कि वे किताबें और ड्रेस निर्धारित दुकानों से ही खरीदें।
विधायक ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस आर्थिक शोषण पर लगाम नहीं लगाई, तो जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने एनडीए सरकार के उस विजन का भी समर्थन किया जिसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने की वकालत की गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में लूट: 50 की दवा 500 में
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा कि औरंगाबाद सहित पूरे प्रदेश में मरीजों का शोषण हो रहा है। उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा किया कि जो दवा 50 रुपये की है, उसे मरीजों को 500 रुपये तक में बेचा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जारी इस ‘कमीशनखोरी’ और लूट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि गरीब जनता को राहत मिल सके।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

