दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के कृषि बेल्ट मे हुए सबसे बड़े सरकारी घोटालों में से एक एकलव्य वेयरहाउस मूंग कांड में आखिरकार मुख्य आरोपी अमित तोमर ने घुटने टेक दिए हैं। पिछले दो महीनों से पुलिस को छका रहा अमित मंगलवार को खुद थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद आरोपी अमित के पास कोई रास्ता नहीं बचा था।
4.22 करोड़ रूपए की मूंग की जगह मिला कचरा
पूरा मामला किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दरअसल सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वेयरहाउस में 21 हजार 345 क्विंटल मूंग दर्ज थी, लेकिन जब अफसरों ने वेयरहाउस चेक किया तो वो भी अचंभे में पड़ गए। जांच के दौरान गोदाम से 9 हजार 899 बोरियां गायब मिली और जो बची थी उनमें मूंग की जगह मिट्टी और कचरा भरा हुआ था। इस मूंग की कीमत 4 करोड़ 22 लाख रूपए आंकी जा रही है जिसे रसूखदारों की शह पर बाजार में खपा दिया गया।
मामले में आया नया एंगल
इस सरकारी घोटाले के जांच की आंच अब इटारसी की मशहूर बालाजी इंडस्ट्रीज तक पहुंच चुकी है। गिरफ्तार आरोपी अभय राजावत ने खुलासा किया है कि करीब 1800 क्विंटल चोरी की मूंग इसी इंडस्ट्रीज में खपाई गई है जिसके बदले 80 लाख रूपए के कैश का लेन-देन हुआ है। वहीं हैरानी की बात यह है कि जैसे ही इस इंडस्ट्री में प्रशासन ने दबिश दी, संबंधित कर्मचारी रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया।
गिरफ्तारी के बाद खुलेंगे नए राज
इस मामले में वेयरहाउस संचालिका आरती तोमर की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है और वो जेल मे हैं। वहीं प्रशासन का मानना है कि अमित तोमर की गिरफ्तारी के बाद उन चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं जिन्होंने सरकारी खजाने में सेंध लगाने में मदद की। SDOP संजू चौहान और TI अनूप उइके की टीम अमित से पूछताछ करेगी। जिसके बाद इस मामले में नए खुलासे हो सकते हैं।
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