सोहराब आलम/मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस की छवि को लेकर एसपी स्वर्ण प्रभात बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी कड़ी में पुलिस कप्तान ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आदापुर थाना में तैनात दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) विजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कार्य के प्रति घोर लापरवाही और कानूनी प्रक्रियाओं में बरती गई शिथिलता के कारण की गई है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, मामला आदापुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां एक मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) के रूप में दरोगा विजय कुमार कार्य कर रहे थे। बताया जा रहा है कि एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद जिस कानूनी प्रक्रिया और प्रक्रियात्मक प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए था, उसमें दरोगा द्वारा भारी चूक की गई। केस डायरी और साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष पेश करने में हुई इसी तकनीकी खामी का सीधा फायदा अभियुक्त को मिल गया।

​कोर्ट से मिली अभियुक्त को राहत

​पुलिस सूत्रों ने बताया कि दरोगा की शिथिलता के कारण अभियुक्त को न्यायालय से कानूनी राहत मिल गई और वह रिहा होने में सफल रहा। जब यह मामला पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इसे कर्तव्यहीनता का गंभीर मामला माना। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की छोटी सी गलती न केवल अपराधी को मनोबल देती है, बल्कि न्याय प्रक्रिया को भी कमजोर करती है।

​विभागीय जांच के आदेश

​निलंबन की इस कार्रवाई के साथ ही एसपी ने विजय कुमार के खिलाफ विभागीय जांच चलाने का भी कड़ा निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और अनुसंधानकर्ताओं को सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में अगर किसी भी केस की फाइलिंग या कानूनी प्रक्रिया में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारी पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
​इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि मोतिहारी पुलिस में अब चलता है वाला रवैया नहीं चलेगा और हर अधिकारी को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी।