वीरेन्द्र गहवई, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में पटवारियों से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए आयोजित विभागीय परीक्षा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है। इससे सफल अभ्यर्थियों को लगातार तीसरा न्यायिक झटका लगा है।

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सिंगल बेंच और डिवीजन बेंच के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच और डिवीजन बेंच से राहत नहीं मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप से इंकार करते हुए विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही परीक्षा निरस्त करने संबंधी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश अंतिम रूप से बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार के लिए नई परीक्षा आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, अदालत ने अपील दायर करने में हुई देरी को माफ कर दिया।

धनंजय सिंह समेत अन्य अभ्यर्थियों ने दी थी चुनौती (राजस्व निरीक्षक प्रमोशन परीक्षा)

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के 2 जनवरी 2026 और 10 अप्रैल 2026 को पारित अंतिम निर्णय एवं आदेश को चुनौती देते हुए धनंजय सिंह व अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा एवं जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई।

मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी खारिज करते हुए अपने फैसले में कहा कि वह छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्णय में हस्तक्षेप करने का इच्छुक नहीं है।

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