० सपनों की दुनिया में बुझ गया करनाल का चिराग: अमेरिका में स्टोर के अंदर जिंदा जला इकलौता बेटा
० विदेश भेजने के लिए लाखों खर्च किए, पर नहीं लौटा सुखविंद्र: अमेरिका में भीषण आग ने छीना करनाल का लाल
कृष्ण कुमार सैनी ,करनाल। गांव गंगाटेहड़ी के रहने वाले एक 22 वर्षीय युवक सुखविंद्र सिंह की अमेरिका में हुई दर्दनाक मौत ने पूरे गांव में मातम फैला दिया है। एक स्टोर में लगी भीषण आग में फंसने के कारण सुखविंद्र की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस हादसे में स्टोर मालिक ने भी अपनी जान गंवाई है।
काम के बाद सो रहा था सुखविंद्र, नहीं लगा आग का पता
मिली जानकारी के अनुसार, सुखविंद्र करीब चार साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गया था। वह एक स्टोर में काम करता था और काम खत्म होने के बाद अक्सर वहीं सो जाया करता था। 26 अप्रैल की सुबह अमेरिकी समय के अनुसार, सुखविंद्र और उसका स्टोर मालिक दोनों सो रहे थे, तभी अचानक स्टोर में आग लग गई।
आग इतनी भयावह थी कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे अंदर ही फंस गए। आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुखविंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए कड़ी मेहनत की थी और लाखों रुपये खर्च किए थे। बेटे की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि उनका होनहार बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।
सरकार से लगाई मदद की गुहार
दुख की इस घड़ी में परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित परिजनों ने मांग की है कि:
- शव लाने में सहायता: सरकार और प्रशासन दूतावास के जरिए सुखविंद्र का शव जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था करे ताकि वे आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देख सकें।
*आर्थिक मदद: परिवार पूरी तरह टूट चुका है और सुखविंद्र ही परिवार का एकमात्र सहारा था, इसलिए सरकार उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करे।
यह हृदयविदारक घटना विदेश जाने का सपना देखने वाले युवाओं और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी त्रासदी है। गांव के लोग इस समय पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। हम भी ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति मिले।

