० परिजनों ने गुरुकुल संचालक पर लगाया मासूम को टार्चर करने का गंभीर आरोप

कृष्ण कुमार सैनी , करनाल। एक निजी गुरुकुल में 5 साल के बच्चे के साथ हुई बेरहमी ने सबको दहला दिया है। बच्चे के पिता ने गुरुकुल के संचालक पर मासूम को डंडों से बुरी तरह पीटने और टार्चर करने का आरोप लगाया है। पीड़ित बच्चे के शरीर पर पिटाई के निशान साफ देखे जा सकते हैं, जिसके बाद परिजनों ने थाना गन्नौर में शिकायत दर्ज करवाई है।

दाखिले के 6 दिन बाद ही हुआ जुल्म
बच्चे के पिता श्रवण ने बताया कि उन्होंने 21 अप्रैल को अपने 5 साल के बेटे का दाखिला करनाल के इस गुरुकुल में करवाया था। 27 अप्रैल को जब वे अपने बच्चे से मिलने गुरुकुल पहुंचे, तो जो नज़ारा उन्होंने देखा, वह दिल दहला देने वाला था। बच्चे को गुरुकुल में शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटा जा रहा था। बच्चा डर के मारे सहमा हुआ था और उसके शरीर पर कई जगह पिटाई के गहरे निशान थे।

“अनुशासन” के नाम पर चुप्पी
जब बच्चे के परिजनों ने गुरुकुल के शिक्षकों और संचालक से बच्चे की इस हालत के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने इसे ‘अनुशासन’ का नाम देकर बात टालने की कोशिश की। परिजनों का आरोप है कि गुरुकुल के स्टाफ ने अपनी गलती मानने के बजाय बच्चे को डराने-धमकाने का काम किया और मामला छिपाने की कोशिश की गई। बच्चे के हाथ-पैर सूजे हुए थे और शरीर पर डंडों से मारपीट के स्पष्ट निशान थे।

अस्पताल में भर्ती, पुलिस से न्याय की मांग
बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे तुरंत पहले सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

इस घटना के बाद से परिजनों में भारी रोष है। उन्होंने थाना गन्नौर में संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की लिखित शिकायत दी है।

पुलिस ने इस मामले पर कहा कि उन्हें शिकायत मिल चुकी है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा पर उठे सवाल
यह मामला शिक्षा के केंद्रों पर चल रही गुंडागर्दी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चे को बेहतर भविष्य के लिए गुरुकुल भेजा था, लेकिन वहां उन्हें “शिक्षा नहीं, यातना” मिली।

अब पूरा क्षेत्र संचालक के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग कर रहा है, ताकि किसी और मासूम को इस तरह की बर्बरता का शिकार न होना पड़े।