King Charles Takes Dig On Donald Trump: यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) यानी इंग्लैंड किंग चार्ल्स तृतीय (England King Charles III US Visit) इस वक्त अमेरिका दौरे पर हैं। अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 वर्ष (250 Years of US Independence) पूरे होने के उपलक्ष्य में किंग चार्ल्स तृतीय अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं। मंगलवार को व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर के दौरान किंग चार्ल्स तृतीय ने डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसा। अमेरिका दौरे पर गए किंग चार्ल्स ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए तीखा लेकिन मजेदार तंज कसा। किंग चार्ल्स तृतीय ने कहा कि अंग्रेज नहीं होते तो अमेरिकी फ्रेंच बोल रहे होते। इंग्लैंड किंग का ये बयान ट्रंप के उस बयान का जवाब माना जा रहा, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका न होता तो यूरोप के कई देश आज जर्मन भाषा बोल रहे होते। ट्रंप का इशारा यूरोप और जर्मनी के उस युद्ध की ओर था। अब किंग चार्ल्स तृतीय ने ट्रंप को हल्का-फुल्के अंदाज में जबरदस्त जवाब दिया है।

किंग चार्ल्स का यह संबोधन 1991 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बाद किसी ब्रिटिश सम्राट द्वारा अमेरिकी कांग्रेस में दिया गया पहला भाषण है। उन्होंने कांग्रेस को ‘लोकतंत्र का गढ़’ बताते हुए ब्रिटिश और अमेरिकी कानून की साझा जड़ों पर जोर दिया। चार्ल्स ने उल्लेख किया कि ब्रिटेन के ऐतिहासिक कानूनी दस्तावेज ‘मैग्ना कार्टा’ का हवाला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के 160 से अधिक मामलों में दिया जा चुका है।

दरअसल ये कोई पहला मामला नहीं है, जब ट्रंप ने अपने घर में बुलाकर किसी दूसरे देश के मेहमान के साथ अपना बड़बोलापन दिखाया हो। हालांकि इंग्लैंड किंग चार्ल्स तृतीय ने ट्रंप के नहले पर दहला मारकर उन्हें ही चारो खाने चित कर दिया। ट्रंप के अंदाज में ही किंग चार्ल्स ने ऐसा जवाब दिया, जो खूब चर्चा में रहा और लोगों ने इसपर जमकर ठहाके भी लगाए। चार्ल्स ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, मिस्टर प्रेसिडेंट, आपने कहा कि अगर अमेरिका न होता तो यूरोप जर्मन बोल रहा होता। मैं यह कहना चाहूंगा कि अगर हम (ब्रिटेन) न होते, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते। किंग चार्ल्स का यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े। यह टिप्पणी इतिहास की उस पृष्ठभूमि की ओर इशारा करती है, जब यूरोप में अलग-अलग ताकतों का प्रभाव था और भाषाओं पर भी उसका असर पड़ता था। 

किंग चार्ल्स ने ट्रंप को घंटी गिफ्ट की

किंग चार्ल्स अपने साथ एक तोहफा भी लाए। इंग्लैंड किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को घंटी गिफ्ट की। चार्ल्स ने ट्रम्प को ब्रिटिश पनडुब्बी HMS की घंटी भेंट की। यह पनडुब्बी 1944 में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान लॉन्च हुई थी। तोहफा देते हुए चार्ल्स ने कहा कि यह हमारी साझा इतिहास और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बने। साथ ही हंसते हुए कहा, ‘अगर कभी हमें बुलाना हो तो बस घंटी बजा दीजिए।

कीर स्टार्मर पर तल्खी के बाद शाही स्वागत

बता दें कि ईरान युद्ध, ग्रीन लैंड समेत कई मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूनाइटेड किंगडम पीएम कीर स्टार्मर के बीच तल्खी चल रही है। दोनों देशों कई बार इन मुद्दों को लेकर एक-दूसर के खिलाफ आ चुके हैं। अमेरिका और इंग्लैंड की बढ़ती तल्खी के बीच किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला का भव्य स्वागत किया। 21 तोपों की सलामी और सैन्य बैंड की धुनों के बीच ट्रंप का अंदाज काफी नरम दिखा। समारोह के दौरान ट्रंप ने चर्चिल के मशहूर शब्द ‘स्पेशल रिलेशनशिप’ को दोहराते हुए कहा कि आजादी के बाद की सदियों में अमेरिकियों का ब्रिटेन से करीब कोई दोस्त नहीं रहा है।

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