अंबाला नगर निगम चुनाव के बीच कांग्रेस प्रत्याशी अमन उप्पल ने विधायक निर्मल सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी और बीजेपी का दामन थाम लिया है।

अंबाला। प्रदेश के नगर निगम चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। कांग्रेस को यहां उस समय बड़ा झटका लगा जब वार्ड नंबर 5 से पार्टी के घोषित उम्मीदवार अमन उप्पल ने ऐन मौके पर अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापसी के तुरंत बाद अमन उप्पल ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और बीजेपी उम्मीदवार राजेश मेहता को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस खेमे में हलचल मचा दी है और अंबाला की राजनीति में नए मोर्चे खोल दिए हैं।

विधायक निर्मल सिंह पर लगाए गंभीर आरोप

अमन उप्पल ने कांग्रेस छोड़ने के पीछे स्थानीय विधायक निर्मल सिंह के कार्यशैली को मुख्य कारण बताया है। उप्पल का आरोप है कि विधायक निर्मल सिंह उन पर एक निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में बैठने और अपना नामांकन वापस लेने का लगातार दबाव बना रहे थे। उनके परिजनों ने भावुक होते हुए विधायक पर “पीठ में छुरा घोंपने” जैसे गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे अब हर वार्ड में जाकर कांग्रेस की पोल खोलेंगे। इस सियासी फेरबदल के दौरान पूर्व मंत्री असीम गोयल और बीजेपी जिलाध्यक्ष मनदीप राणा ने अमन उप्पल का पार्टी में स्वागत किया और उन्हें उचित मान-सम्मान देने का भरोसा दिलाया।

आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच चुनावी रण हुआ तेज

वहीं दूसरी ओर, विधायक निर्मल सिंह ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि अमन उप्पल ने कांग्रेस के दबाव में नहीं, बल्कि बीजेपी के प्रलोभन या दबाव में आकर नामांकन वापस लिया है। इस पूरे ड्रामे का सीधा फायदा अब वार्ड-5 से बीजेपी उम्मीदवार राजेश मेहता को मिलता दिख रहा है। मेहता ने अमन उप्पल के साथ मिलकर वार्ड के विकास के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। फिलहाल, इस दलबदल ने अंबाला नगर निगम चुनाव की जंग को बेहद रोचक बना दिया है।