अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शिव मंदिर के ऊपर ‘धर्म ध्वज’ फहराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि आंदोलन भारत के इतिहास का एक अहम अभियान है। हर व्यक्ति के मन में एक ही भाव होता था कि प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बने। यह आंदोलन पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहा और संघर्ष और आंदोलन बढ़ता गया।
समाज का हर तबका इस पूरे अभियान में एक साथ जुड़ गए। ठीक 298 साल पहले राम जन्मभूमि पर भगवान श्री राम के मंदिर को अपवित्र किया गया और एक विवादित ढांचा खड़ा किया गया।
यही हम सबकी सबसे बड़ी ताकत
सीएम योगी ने कहा कि प्रभु श्री राम भारत को उत्तर से दक्षिण तक, भगवान श्रीकृष्ण पूरब से पश्चिम तक तथा भगवान शिव शंकर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के माध्यम से पूरे भारत के कण-कण को जोड़ रहे हैं। यही हम सबकी सबसे बड़ी ताकत है। डॉ. लोहिया बोलते थे- जब तक प्रभु श्री राम, श्रीकृष्ण और शिव शंकर हैं, तब तक भारत का कोई बाल-बांका नहीं कर सकता। पता नहीं ‘लोहिया जी के शिष्यों’ को ये बात समझ में आती है कि नहीं आती।
READ MORE: ‘UP के विकास की नई लाइफलाइन…’, PM मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन, कहा- जो पिछले 6-7 दशक में नहीं हुआ, वह अब…
जहां प्रभु श्री राम होंगे, वहां विजय होगी
सीएम योगी ने बताया कि जब 22 जनवरी 2024 को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हुआ। हम सब उस तिथि के साक्षी हैं। अपने महापुरुषों को जातीयता के दायरे में मत बांटिए, बांटने का पाप देशद्रोह से कम नहीं है। जहां प्रभु श्री राम होंगे, वहां विजय होगी।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें

