मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय नेशनल कोर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (NCORD) की 11वीं बैठक संपन्न हुई. इस दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार को रोके जाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई. मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से जनपदों की स्थिति की जानकारी भी ली. उन्होंने जनपद स्तरीय एनकॉर्ड बैठकों को निर्धारित समय सीमा में नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए.

मुख्य सचिव ने अगले 15 दिनों में मादक पदार्थों के खिलाफ अगले एक वर्ष का राज्य स्तरीय और जनपद स्तरीय रोडमैप तैयार कर प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग सहित जनपद भी एनफोर्समेंट और रिहेबिलिटेशन आदि को लेकर रोडमैप अगले 15 दिनों में सचिव गृह को उपलब्ध कराएं. उन्होंने मादक पदार्थों से सम्बन्धित सभी मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि व्यवसायिक मात्रा में पकड़े गए मादक पदार्थों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार फॉलोअप किया जाए, ताकि दोषियों पर यथोचित कार्रवाई की जा सके. उन्होंने पुलिस विभाग को मादक पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही.

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मुख्य सचिव ने आमजन विशेषकर स्कूली बच्चों में ड्रग्स के प्रति जागरूकता के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग क्लब बनाने और शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा-तम्बाकू आदि की बिक्री पर रोक को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की बात कही. उन्होंने प्रदेश में मादक पदार्थो के उपयोग पर एक सर्वे कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि मादक पदार्थों के जाल को जड़ से उखाड़ा जा सके.

सीएस ने प्रदेश में संचालित प्राइवेट डी- एडिक्शन सेंटर्स की लगातार जांच किए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल में इस के लिए ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्त किए जाने के भी निर्देश दिए हैं. उन्होंने राजकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में कुछ बेड को डी-एडिक्शन के लिए आरक्षित किए जाने के भी निर्देश दिए.