चंडीगढ़। हरियाणा में अप्रैल के जाते-जाते मौसम ने खतरनाक और राहतभरी करवट एक साथ ली है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम विभाग ने गुरुवार को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत और पानीपत समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह जैसे इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है जिससे तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

बूंदाबांदी से मिली थोड़ी राहत

बुधवार को हुई बूंदाबांदी के कारण प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है जिससे पारा सामान्य से 1.9 डिग्री नीचे आ गया है। हालांकि नूंह का बोपानी 38.7 डिग्री के साथ अब भी राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है लेकिन आसमान में उमड़ते बादलों ने लू के थपेड़ों पर लगाम लगा दी है।

मई की शुरुआत में भी मचेगा हाहाकार

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो राहत का यह सिलसिला केवल अप्रैल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि 2 से 5 मई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिर से गरज-चमक और धूलभरी आंधी चलने के आसार हैं।

50 की रफ्तार से चलेंगी धूलभरी हवाएं

इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जो बिजली की चमक के साथ जनजीवन को प्रभावित करेगी। नारनौल, हिसार, सिरसा और भिवानी जैसे शहरों में फिलहाल तापमान 36 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है और अगले 24 घंटों में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

दो से तीन डिग्री तक हो सकती हैं मामूली बढ़ोतरी

हालांकि बीच में दो से तीन डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है लेकिन दोबारा सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ तापमान को फिर से नीचे गिरा देगा। खेती और आम कामकाज पर मौसम के इस बदलाव का सीधा असर पड़ने वाला है इसलिए प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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