भिलाईनगर। बीएसपी में ड्यूटी के दौरान संयंत्र से बाहर जाने वाले कार्मिकों पर बहुत जल्द शिकंजा कसेगा। संयंत्र गेट में आरएफआईडी यानी रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम लगेगा। इससे कार्मिकों की तत्काल शिनाख्त हो जाएगी।
मैनेजमेंट को यह शिकायतें लगातार मिलती रही है कि ड्यूटी के दौरान कई कार्मिक थम्ब इम्प्रेशन से अटेंडेंस लगाने के बाद संयंत्र से बाहर निकल जाते हैं और अपने निजी काम निपटाते रहते हैं। इस समय मैनेजमेंट पर लेबर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के साथ मैनपावर और प्रोडक्शन कॉस्ट कम करने का दबाव है।
ऐसे में वह ड्यूटी के दौरान भागने वाले कार्मिकों पर अंकुश लगाने के लिए संयंत्र के सभी गेट में मेन गेट, बोरिया गेट, जोरातराई गेट, मरोदा गेट, खुर्सीपार गेट, इस्पात भवन, एचआरडी, बीएमडीसी, नगर सेवाएं विभाग, सेक्टर 9 हास्पिटल आदि में आरएफआईडी सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है।

सेक्टर-9 हॉस्पिटल को खरीदने कोलकाता के बड़े हॉस्पिटल ग्रुप ने ली रुचि
भिलाईनगर। बीएसपी के सेक्टर 9 हॉस्पिटल का मुआयना करने चार्नोक हॉस्पिटल कोलकाता ग्रुप की टीम आई। टीम ने सेल के कार्पोरेट आफिस के रिटायर्ड ईडी के साथ हॉस्पिटल के पूरे विभागों व मशीनों सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से मुआयना किया।
सूत्रों के मुताबिक, टीम को सेक्टर 9 हॉस्पिटल जमा । उन्हें यहां विस्तार की गुंजाईश दिखी। टीम दो दिन पहले आई और दिन भर रही। बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी मिल पाई। सेल के एक रिटायर्ड ईडी उनके साथ थे। करीब 5 लोगों की टीम ने हॉस्पिटल का पूरा विभाग बहुत बारीकी से आब्जर्व किया। टीम ने हास्पिटल मैनेजमेंट से यहां के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ सहित मशीनों व अन्य सुविधाओं की पूरी जानकारी ली।
रायपुर से भी बड़ा हास्पिटल बनाने की संभावना : बताया जाता है कि टीम को हास्पिटल की सुविधाओं ने प्रभावित किया। टीम ने जब पूरी जानकारी ले ली तो किसी ने उनसे पूछा कि आप इतना बड़ा हॉस्पिटल लेकर क्या करेंगे। इस पर जवाब मिला कि यहां रायपुर से भी बड़ा हॉस्पिटल बनाने की संभावना है। इसका विस्तार करने पर राजनांदगांव व बालोद जिले के लोगों को रायपुर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस जवाब से यह माना जा रहा है कि कोलकाता से आई टीम को यह हॉस्पिटल जम गया है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह इसे खरीद लेगा। कारण, यहां के डाक्टर और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के भारी भरकम वेतन व अन्य सुविधाओं को जारी रखना किसी भी निजी एजेंसी के लिए आसान नहीं होगा। याद रहे कि पूर्व में आई एक एजेंसी ने इसी मुद्दे पर अपना हाथ खींच लिया था। लेकिन कोलकाता की टीम के आने से एक बार फिर उन चर्चाओं को बल मिल गया है कि सेक्टर 9 हॉस्पिटल का निकट भविष्य में निजीकरण होना तय है।
तीन विभागों से निजीकरण की शुरुआत
बता दें कि बीएसपी के सेक्टर 9 हास्पिटल के निजीकरण की शुरुआत तीन विभागों के निजीकरण से हो चुकी है। सेक्टर 9 हॉस्पिटल के दो विभागों कार्डियोलाजी, नेफ्रोलॉजी व सेक्टर 1 हास्पिटल के आन्कोलॉजी का निजीकरण करने के लिए एजेंसियां बुलाई जा चुकी है। निजी एजेंसियों से रुचि की अभिव्यक्ति के तहत 15 जनवरी 2026 तक आवेदन मंगाया गया था। बताया जाता है कि अब तक 19 पार्टियाँ इन तीनों विभागों का विजिट कर चुकी है। हालांकि अब तक इन विभागों को किसी एजेंसी को नहीं दिया गया है।
यह विभाग पहले से ही आउटसोर्सिंग पर
अटेंडेंट व सेनेटरी– भिलाई प्रशिक्षु कल्याण समिति के माध्यम से ढाई सौ अटेंडेंट व सेनेटरी स्टाफ लिया गया है। एंबुलेंस – एंबुलेंस की सेवा इंदौर की पार्टी के जरिये चल रही है। लांड्री – लांड्री को काफी पहले ही आउटसोर्सिंग पर दिया जा चुका है।नर्सेस व पैरामेडिकल स्टाफ– केन्द्रीय एजेंसी एचएलएल को नर्सेस व पैरामेडिकल स्टाफ की सेवा के लिए कांट्रेक्ट दिया गया है। इस एजेंसी से कई विभागों के लिए टेक्नीशियन्स वगैरह रखे गए हैं। सिक्युरिटी गार्ड– सिक्युरिटी गार्ड की सेवाएं भी आउटसोर्सिंग पर है। डीजेआर (डायरेक्टर जनरल रिसेटलमेंट) से कांट्रेक्ट कर आर्मी के रिटायर्ड जवानों को सिक्युरिटी गार्ड के रूप में रखा गया है।
दूसरे के प्लाट में लगा दिया सीवरेज पाइप लाइन, निगम ने तोड़ा
भिलाईनगर। दूसरे के प्लाट में अतिक्रमण कर निर्माणाधीन भवन के सीवरेज पाइप लाइन एवं विद्युत केबल कनेक्शन को निगम ने बुधवार को पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़ दिया है। इस दौरान अतिक्रमण किए महिला व बच्चों ने निगम के बुलडोजर को पत्थर फेंक रोकने का प्रयास तथा निगम कमियों के साथ अभद्र व्यवहार किया है।
हाउसिंग बोर्ड जलाराम स्वीट्स के सामने कैलाश नगर कुरूद स्थित खसरा नंबर 1955 / 105 में दीवार पर खिड़की बिजली का मीटर सीवरेज पाइपलाइन निर्माण कर लिया था। इसके चलते दूसरे व्यक्ति को निर्माण करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसकी शिकायत भिलाई निगम के भवन अनुज्ञा विभाग से हुई थी।
भिलाई नगर निगम लगातार नोटिस देखकर कब्जाधारी महेंद्र सिंह को सूचित करता रहा है, परंतु महेंद्र सिंह अपना तानाशाही रवैया अपनाया हुआ था। पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़फोड़ अमला ने सीवरेज पाइपलाइन एवं अन्य अतिक्रमण को मुक्त कर दिया है इस दौरान महिला ने निगम प्रशासन को भला-बुरा कहते हुए निगम की कार्रवाई में हस्तक्षेप करते हुए बुलडोजर पर पत्थर से हमला किया। इस दौरान पुलिस मौके पर आई और मामले को संभाल लिया।
राजनांदगांव नगर निगम की विशेष बैठक आज
राजनांदगांव। नगर पालिक निगम सामान्य सभा की विशेष बैठक 30 अप्रैल को पूर्वान्ह 11:30 बजे से नगर निगम के सभागृह में आहुत की गई है। बैठक में 3 विषयों पर चर्चा कर विचार-विमर्श उपरांत निर्णय लिया जाएगा।
उक्ताशय की जानकारी देते हुए निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा ने बताया कि विशेष सम्मेलन (सामान्य सभा) की बैठक के प्रारंभ में लोक सेवा केन्द्र से प्राप्त सामाजिक सुरक्षा पेशन के आवेदन की स्वीकृति के संबंध में चर्चा उपरांत निर्णय लिया जाएगा तथा द्वितीय विषय में वर्ष 2026-27 में निगम सीमाक्षेत्र में संपत्तिकर की दरों में एम.आ.आई.सी द्वारा संशोधित दर पर दी गयी स्वीकृति की पुष्टि पर चर्चा उपरांत निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा अंतिम विषय में महिला सशक्तिकरण के जनजागरूकता अभियान अंतर्गत कार्यक्रम की महत्ता पर चर्चा एंव प्रस्ताव के संबंध में चर्चा उपरांत निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने विशेष सम्मेलन (सामान्य सभा) की बैठक में महापौर, आयुक्त एवं नेता प्रतिपक्ष सहित महापौर परिषद के प्रभारी सदस्यों, पार्षदों, सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि व पत्रकारों एवं अधिकारियों कर्मचारियों से उपस्थिति की अपील की है।
सूची जारी होते ही कांग्रेस में हलचल
डोंगरगढ़। शहर की कांग्रेस राजनीति में इन दिनों संगठनात्मक सूची जारी होने के बाद हलचल तेज हो गई है। नई लिस्ट सामने आते ही आधा दर्जन विधायक समर्थकों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से इस्तीफा देने की बात कही जा रही है। इन इस्तीफों के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया जा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
जानकारों की मानें तो शहर में लगातार घटते कांग्रेस के जनाधार को देखते हुए इस बार संगठन स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं। नए गठन में वर्तमान विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, पूर्व विधायक भुवनेश्वर बघेल तथा मंत्री धनेश पाटिला के समर्थकों को संगठन में बराबरी से हिस्सेदारी देने का प्रयास किया गया है। हालांकि इस संतुलन की कवायद से वर्तमान विधायक के समर्थक नाराज बताए जा रहे हैं।
इसी नाराजगी के चलते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस्तीफे की चर्चाएं तेज हो गई हैं, लेकिन अब तक किसी भी पदाधिकारी द्वारा संगठन को लिखित रूप में इस्तीफा सौंपे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पूरे मामले पर कांग्रेस संगठन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार बना हुआ है।
आत्मानंद के संविदा शिक्षकों ने निकाला कैंडल मार्च
मोहला। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसी उद्देश्य को लेकर मोहला के आत्मा नंद विद्यालय से जय स्तम्भ चौक तक कैडल मार्च निकाल गया । शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें अब तक नियमितिकरण, वेतनमान वृद्धि और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे वे खुद को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष विकास तिवारी ने हाल ही में दिवंगत शिक्षकों को मोहला के जय स्तम्भ चौक मे श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का जाहिर आधार होते हैं, जो अपने सपनों को त्यागकर बच्चों का भविष्य संवारने में लगे रहते हैं, लेकिन आज वही शिक्षक अपनी मूलभूत मांगों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम विद्यालयों की शुरुआत 1 नवंबर 2020 को की गई थी। इन विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती लिखित परीक्षा, मेरिट सूची, इंटरव्यू और डेमो टीचिंग जैसी कठिन प्रक्रिया से होकर की गई थी। बावजूद इसके, बीते 5-6 वर्षों से हजारों शिक्षक एक ही मानदेय पर कार्य कर रहे हैं।
वर्तमान में इन विद्यालयों में 16 हजार से अधिक कर्मचारी और लाखों छात्र-छात्राएं जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर जिला संभाग अध्यक्ष लोकेश देवांगन कार्यकारणी सदस्य, मुकेश कुमार, अमित सोनी, आशीष चौधरी, प्रीति हिरवानी, रेणुका पटेल, गीतांजलि भार्गव, आशीष नहदेवे, पीयूष पांडे एवम अन्य शिक्षक साथी सहभागी रहें।
बिना हेलमेट पांच पुलिस कर्मियों का कटा चालान
भिलाईनगर। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात ऋचा मिश्रा ने बताया कि प्रमुख ‘चौक-चौराहों, व्यस्त मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित चेकिंग कर यातायात नियम उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बिना हेलमेट वाहन चलाते पाए जाने पर पूर्व में पुलिस कर्मियों के विरुद्ध ई- चालान जारी किए गए थे तथा आज 5 पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी चालानी कार्रवाई की है।
कार्मिकों के हित में जूनियर मैनेजर परीक्षा नीति 2026 में बदलाव की मांग
भिलाईनगर। बीएसपी अनाधिशासी कमर्चारी संघ ने प्रभारी चेयरमैन सह निदेशक कार्मिक को पत्र लिखकर जूनियर मैनेजर परीक्षा नीति 2026 में बदलाव करने की पुनः मांग की है। यूनियन महासचिव अभिषेक सिंह ने लिखा है कि सेल कार्पोरेट कार्यालय द्वारा 24 अप्रैल को जूनियर मैनेजर पदोन्नति परीक्षा हेतु सर्कुलर जारी किया गया है। जिसमें कई नीति पदोन्नत कार्मिकों के हितों के विरुद्ध है। यूनियन ने कई बार पूर्व में उपरोक्त मुद्दों पर पत्र भी दिया था।
यूनियन ने बदलाव के लिए यह सुझाव दिया
सीधे नियुक्त एमटीटी तथा कर्मचारी से पदोन्नत : जूनियर मैनेजर के लिए ई 1 ग्रेड में अलग अलग कार्यकाल एक तरफ सीधे एमटीटी रुट से चयनित कनीय प्रबंधक को मात्र एक वर्ष की सेवा के बाद सहायक प्रबंधक पद पर पदोन्नत कर दिया जाता है तो कर्मचारी से अधिकारी बने कार्मिकों को ई 1 ग्रेड में तीन वर्ष पूरा होने के बाद पदोन्नति दिए जाने का प्रावधान किया गया है । पूर्व में चयनित वर्ष 2018, 2022 तथा 2024 में पदोन्नत हुए कार्मिकों को ई जीरो ग्रेड में एक वर्ष के बाद पदोन्नत कर ई 1 ग्रेड दिया जाता था। फिर ई 1 ग्रेड में भी एक वर्ष होने पर ई2 ग्रेड में पदोन्नति दे दी गई थी। अतः चयनित कार्मिकों को भी ई जीरो तथा ई1 ग्रेड में एक वर्ष के कार्यकाल के बाद ई 2 ग्रेड में पदोन्नत किया जाय।
अंतिम तिथि में असमानता बिंदु संख्या 1.4 में : उपरोक्त पद हेतु शैक्षणिक योग्यता पूरा करने की अंतिम तिथि 24.04.2026 है जबकि अन्य पैरामीटरों जैसे न्यूनतम सर्विस काल, सेवा अवधि की गणना, विजिलेंस क्लियरेंस जैसे पैरामीटर के लिए 30.06.2026 निर्धारित किया गया है तो शैक्षणिक योग्यता की गणना के लिए 24.04.2026 निर्धारित करना कहीं न कहीं उन कर्मचारियों के लिए भेदभाव है जो अपने कोर्स के अंतिम वर्ष / अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत है। जबकि भारत में सभी नियुक्ति प्रक्रिया में पहले से नियम है कि शैक्षणिक योग्यता को साक्षात्कार तथा अंतिम नियुक्ति प्रक्रिया से पहले पूरा करना होता है।
न्यूनतम ग्रेड तथा सर्विस काल को और कम करना : इस संदर्भ में हमारी यूनियन पूर्व में मांग कर चुकी है। इसके तहत नीचे के ग्रेड वाले कार्यरत कार्मिकों को भी परीक्षा में बैठने हेतु पात्र किया जाय । वरिष्ठ कर्मचारियों को ध्यान में खकर प्रश्न पत्र सेट करना – पदोन्नति परीक्षा का मूल आधार कार्य अनुभव तथा प्रबंधकीय दक्षता होती है। जो कर्मचारी, अपने पिछले कायर्काल के दौरान सीखा हुआ रहता है।
पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने की मांग : पिछले कई परीक्षा में कुछ विषयों हेतु चयनित प्रश्न काफी कठिन पूछे गए थे जिसके कारण उपरोक्त कठिन प्रश्नों वाले विषय में अधिकतर वरिष्ठ कर्मचारी असफल हो गए थे। वरिष्ठ कर्मचारियों की उम्र, शिक्षण के प्रति रुचि को ध्यान में रखकर ही प्रश्न पत्र सेट किया जाना चाहिए। यूनियन ने पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्र की प्रतिलिपि इस्पात सचिव तथा सेल के मुख्य सतर्कता पदाधिकारी को भी भेजा है।
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