हरियाणा सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल 5 मई को तंजानिया के लिए रवाना होगा, जहाँ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्य की औद्योगिक शक्ति और निवेश के अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा अब अपनी भौगोलिक सीमाओं को पार कर वैश्विक व्यापार जगत में एक मजबूत पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी उद्देश्य के साथ, हरियाणा सरकार का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आगामी 5 मई को तंजानिया के दार-एस-सलाम में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में भाग लेने के लिए रवाना होगा। राज्य सरकार इस वैश्विक मंच का उपयोग हरियाणा की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक सामर्थ्य को दुनिया के सामने पेश करने के लिए करेगी, जिससे राज्य के अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक रिश्तों को एक नया आयाम मिल सके।

औद्योगिक शक्ति और निवेश के अवसरों का प्रदर्शन

उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने इस मिशन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दार-एस-सलाम मेले में हरियाणा का एक विशेष पैवेलियन स्थापित किया जाएगा। इस पैवेलियन के माध्यम से राज्य की औद्योगिक ताकत, निर्यात क्षमता और विदेशी निवेशकों के लिए उपलब्ध अपार संभावनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। यह दौरा हरियाणा को एक उभरते हुए “ग्लोबल एक्सपोर्ट हब” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार की रणनीति विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर स्थानीय उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से सीधे जोड़ने की है, जिससे राज्य में निवेश के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हों।

कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और MSME को मिलेगी नई उड़ान

इस अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी से न केवल बड़े उद्योगों बल्कि कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और विशेष रूप से MSME सेक्टर को भी व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इस मंच के जरिए वैश्विक खरीदारों के साथ नए व्यापारिक गठबंधन बनेंगे, जिससे हरियाणा के स्थानीय उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इस रणनीतिक कदम से राज्य की अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मिलने की संभावना है और आने वाले समय में निर्यात के नए द्वार खुलने से हरियाणा का व्यापारिक ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर बढ़ेगा।