वीरेंद्र कुमार, नालंदा। रहुई प्रखंड स्थिति मनरेगा कार्यालय में कार्यपालक माहौल तनावपूर्ण हो गया। यहां पदस्थापित पंचायत रोजगार सेवक और कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) के बीच तीखी बहस के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि मामला अब सीधे पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया है।

​व्हाट्सऐप ग्रुप के मैसेज से शुरू हुआ विवाद

ज़ीरामजी भवन स्थित कार्यालय में कार्यरत पंचायत रोजगार सेवक प्रवीण कुमार ने कार्यक्रम पदाधिकारी शैलेंद्र प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित प्रवीण कुमार के अनुसार, बुधवार सुबह वे अपने तय समय पर कार्यालय में मौजूद थे। दोपहर करीब 12:05 बजे जब कार्यक्रम पदाधिकारी दफ्तर पहुंचे, तो प्रवीण ने जिला मुख्यालय के ‘J.S.M’ नामक व्हाट्सऐप ग्रुप में एक संदेश भेजा कि पीओ साहब अभी कार्यालय आए हैं। आरोप है कि इस साधारण से मैसेज को देखते ही कार्यक्रम पदाधिकारी भड़क गए और उनके साथ गाली-गलौज करने लगे।

​मारपीट, इलाज और जान से मारने की धमकी का दावा

प्रवीण कुमार का आरोप है कि बात केवल ज़बानी बहस तक सीमित नहीं रही, बल्कि अधिकारी ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट भी की। पीड़ित कर्मी ने अपने पुलिस आवेदन में बताया है कि मारपीट के कारण उनके सिर, हाथ, छाती और पेट में गंभीर चोटें व दर्द है, जिसके बाद सिर और हाथ का इलाज कराया जा रहा है। इसके साथ ही पीड़ित ने कार्यक्रम पदाधिकारी पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

​कार्यक्रम पदाधिकारी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

दूसरी ओर, कार्यक्रम पदाधिकारी शैलेंद्र प्रसाद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत हैं। पीओ का दावा है कि संबंधित कर्मी का व्यवहार पहले से ही विवादित रहा है। इससे पूर्व अगस्त महीने में भी उक्त कर्मी ने एक कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ हाथापाई की थी और वह दफ्तर के अन्य सहकर्मियों के साथ अब तक करीब सात बार मारपीट कर चुका है।

​डीडीसी स्तर पर जांच और पुलिस कार्रवाई जारी

कार्यक्रम पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यालय की अनुशासनहीनता और अनुचित व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस कर्मी को पद से हटाने के लिए उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से जांच कराने की लिखित सिफारिश की है। फिलहाल स्थानीय थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और आधिकारिक जांच के बाद ही पूरे विवाद का सच सामने आ सकेगा।