पटना। साइंस कॉलेज में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब MBBS सेमेस्टर-3 की प्रोफेशनल परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार परीक्षा को रद्द करना पड़ा। इस घटना के पीछे प्रश्न पत्र लीक होने की चर्चाएं भी जोरों पर हैं।

​मोबाइल ले जाने की जिद

​परीक्षा में पीएमसीएच (PMCH), एनएमसीएच (NMCH) और पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र शामिल होने पहुंचे थे। विवाद तब शुरू हुआ जब छात्रों ने डिजिटल एडमिट कार्ड का हवाला देते हुए परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल ले जाने की जिद की। जब कॉलेज प्रशासन और इनविजीलेटर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका, तो छात्र उग्र हो गए। उन्होंने न केवल हंगामा किया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात अस्थायी शिक्षकों के साथ बदतमीजी भी की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कॉलेज के नियमित शिक्षकों ने इनविजीलेटर ड्यूटी का बहिष्कार कर दिया।

​’पैसे दिए हैं, चोरी क्यों नहीं करने दे रहे?’

​हंगामे के दौरान छात्रों के एक गुट ने बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए। कुछ परीक्षार्थियों का कहना था कि उन्होंने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (AKU) के वरिष्ठ अधिकारियों को पैसे दिए हैं ताकि उनका सेंटर किसी हाई-प्रोफाइल कॉलेज में पड़े। उनका तर्क था कि पैसे देने के बावजूद उन्हें केंद्र के भीतर ‘सेटिंग’ या चोरी करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है।

​लगातार दूसरे दिन विवाद

​गौरतलब है कि यह तनाव शुक्रवार से ही चल रहा था। शुक्रवार को भी नकल रोकने की कोशिशों पर छात्रों ने कड़ा विरोध जताया था, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा आयोजित करने में असमर्थता जताई थी। शनिवार को बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस बल को बुलाया गया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के बावजूद छात्र शांत नहीं हुए। अंततः यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

​यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया और जांच के आदेश

​घटना के बाद साइंस कॉलेज प्रशासन ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक को लिखित रिपोर्ट भेज दी है। यूनिवर्सिटी के कुलपति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच कमेटी गठित करने की बात कही है। फिलहाल कॉलेज कैंपस में पुलिस की तैनाती है और प्रश्न पत्र वायरल होने के दावों की भी पड़ताल की जा रही है।