भुवनेश्वर: ओडिशा की प्रमुख जनकल्याणकारी योजना ‘सुभद्रा योजना’ के तहत राज्य सरकार ने उन महिलाओं को बड़ी राहत दी है, जो तकनीकी कारणों से पिछली किस्त का लाभ पाने से वंचित रह गई थी। सोमवार (4 मई, 2026) को ऐसी 1,23,849 महिलाओं के बैंक खातों में कुल 61 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे स्थानांतरित (DBT) की गई।

गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर योजना की तीसरी किस्त जारी की गई थी। हालांकि सत्यापन (Verification) और बैंक संबंधी तकनीकी समस्याओं के कारण एक बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं इस राशि से वंचित रह गई थीं। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि विभाग ने इन लंबित आवेदनों का नए सिरे से सत्यापन किया, जिसके बाद आज पात्र लाभार्थियों को उनके बकाया हक का भुगतान कर दिया गया है।

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सरकारी सूत्रों के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग अभी भी सक्रियता से काम कर रहा है। लगभग 1 लाख और आवेदनों का फील्ड सत्यापन वर्तमान में अंतिम चरण में है। इन्हें भी जल्द ही राशि जारी किए जाने की संभावना है। योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार को अब तक 3.26 लाख से अधिक नए आवेदन प्राप्त हुए हैं।

क्या है सुभद्रा योजना?

ओडिशा सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर साल 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि 5,000-5,000 रुपये की दो समान किस्तों में दी जाती है—पहली रक्षा बंधन पर और दूसरी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) पर। 5 वर्षों की अवधि में प्रत्येक लाभार्थी को कुल 50,000 रुपये प्राप्त होंगे। 21 से 60 वर्ष की आयु की महिलाएं, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से आती हैं और जिनका आधार बैंक खाते से लिंक है, इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।

प्रशासन का कहना है कि सुभद्रा योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि राज्य की महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक “नवकलेवर” यानी नए युग की शुरुआत है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र महिला तकनीकी कारणों से इस लाभ से न छूटे।

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