Rajasthan News: राजस्थान गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में हुए बड़े घोटाले को लेकर SOG (Special Operations Group) ने सोमवार सुबह सीकर में दबिश दी। टीम ने सीकर के सबसे बड़े SK अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल और एक नामी निजी लैब के संचालक डॉ. बनवारी लाल को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे सीकर के मेडिकल महकमे में हड़कंप मच गया है।

SOG के ADG विशाल बंसल के मुताबिक, टीम ने सोमवार सुबह ठीक 7 बजे आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा। पकड़े गए आरोपियों में मुरलीपुरा निवासी डॉ. के.के. अग्रवाल और बसंत विहार सीकर के रहने वाले लैब संचालक डॉ. बी.लाल शामिल हैं। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने आपसी साठगांठ करके सरकार को करोड़ों का चूना लगाया और प्राइवेट सेंटर्स की जेबें भरीं।
जांच में जो बातें सामने आई हैं, वो किसी को भी हैरान कर सकती हैं। इन डॉक्टर्स ने प्राइवेट डायग्नोसिस सेंटर्स को मोटा कमीशन दिलाने के चक्कर में मरीजों को ऐसी जांचें लिख दीं, जिनकी उन्हें जरूरत ही नहीं थी।
रिकॉर्ड में HbA1c, RA Factor और Procalcitonin जैसी महंगी जांचों का कोई ठोस कारण नहीं मिला। कई मरीजों की ओपीडी स्लिप पर परामर्श का जिक्र तक नहीं था, लेकिन उनकी फाइल में भारी-भरकम बिल जोड़ दिए गए। मधुमेह (T2DM) की जांच रिपोर्टें कागजों से गायब मिलीं, जिससे साफ हो गया कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए RGHS की परियोजना निदेशक डॉ. निधि पटेल की रिपोर्ट पर मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को ही कड़ा एक्शन लिया था। सीकर मेडिकल कॉलेज से जुड़े और जिले के पीएचसी-सीएचसी पर तैनात 7 डॉक्टर्स को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। अब SOG इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस खेल में और कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं।
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